बिलासपुर-मेहमान दो चार दस दिन ठीक लगते है लेकिन स्थाई रूप से आपकी रोटी और संसाधन छिनने लगे तो अव्यवस्था विकराल होते जाती है, कभी संघ और बीजेपी इस एजेंडे को महत्त्वपूर्ण मानते थे अपने बौद्धिक में लंबा लंबा भाषण देते थे आज मौन है इसका नूकसान आज मणिपुर से लेकर पूरे देश मे दिख रहा है ,शरणार्थियों के कर रोजगार बट गया , भारतीयों के हाथ से रोजगार शरणार्थियों ने छीन लिया है ,कई संस्थाओं में काबिज हो गए है और भ्रष्टाचार कर रहे है, शरणार्थी आजभी यहां के नही हो पाए ही लुटपाट की नीयत इनकी जारी है, वो किसी न किसी माध्यम से ये काम करते ही इनके अंदर आज भी भारत के प्रति और यंहा के लोगो के प्रति प्रेम नही आया है, इनकी वजह से स्थानीय लोग बेरोजगार हुए है इनकीं वजह स्थानीय लोग बेरोजगारी के कारण अपराधी बन रहे है। इस पर लोग अब चर्चा कर रहे है ।

