बिलासपुर- राहुल गांधी के समर्थन में हुए आंदोलन में कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी ही गंभीर नही नजर आई मशाल शांति यात्रा में मशाल हाथ मे पकड़ कर फोटो खिंचवाई और रवाना हो गई , जिम्मेदार पदाधिकारी के इस बिहेवियर की लोगो के बीच जमकर चर्चा रही , लोगो और कार्यकर्ताओं में मायूसी नजर आई ,लोगो ने कहा ये कार्यकर्ताओं का अपमान है , कार्यकर्ता पैदल चले लेकिन प्रदेश प्रभारी के साथ ही नेता गायब हो गए, सचिव चंदन यादव और और पीसीसी अध्यक्ष कार्यकर्ताओं के साथ पैदल चले पसीना बहाया,इनके cy को बड़ा नेता नजर नही आया,बिलासपुर के ही नेताओं ने पैदल चल राहुल के प्रति समर्पण दिखाया , संसदीय सचिव ,महापौर रामशरण यादव , सभापति शेख नजरुदीन, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष प्रमोद नायक, शहर अध्यक्ष विजय पांडे ग्रामीण अध्यक्ष विजय केशरवानी, राजेश पांडे, राकेश शर्मा, दिलीप लहरिया, सुधांशु मिश्रा, अभय नारायण राय,महिला अध्यक्ष पिकी बत्रा, ग्रामीण अध्यक्ष सीमा घृतेश,शिल्पी तिवारी, राजेश जायसवाल, शिवा मिश्रा, चंद्रप्रकाश बाजपेयी, ऋषि पांडे,जावेद मेनन,नगर निगम के सभी पार्षद,ताज ,,राजकुमार तिवारी, सीमा पांडे, पूनम तिवारी, साखन द्रवे,नानक रेलवानी, सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता कार्यकर्ताओं मशाल के साथ हाथ मे केन्द्र विरोधी तख्ती लेकर जोश के साथ निकले, लेकिन प्रभारी शैलाज कुमारी के मशाल रैली में शामिल नही नही होने से कार्यकर्ता मायूस हुआ, कार्यकर्ता कहने लगे इससे अच्छा तो हम लोग ही मशाल जुलूस निकाल लेते कोई अव्यवस्था भी नही होती, कार्यकर्ता बोले कि प्रभारी कार्यकर्ताओं में हवा भरने आई थी कि हवा निकालने प्रभारी शैलाज ने ही राहुल के समर्थन में हुए आंदोलन में समर्पण नही दिखाया, शहर के लोग चर्चा करते दिखे की अपनी पार्टी के नेता के समर्थन में निकली मशाल रैली में भी खानापूर्ति अजीब है।
प्रभारी शैलाज कुमारी के मशाल रैली में शामिल नही होने और फोटो खिंचाके निकल जाने पर पीसीसी चीफ मोहन मरकाम ने सफाई दी कि उनकी जरूरी मीटिंग थी जिसके कारण उनको जाना पड़ा।


