बिलासपुर- जनता का पैसा जेब मे डालने का तरीका जल संसाधन के पास बेहतर है ,ये पुरी तरह से आर्थीक अपराध का मामला है , ईओडब्ल्यू को इसको संज्ञान में लेना चाहिए ,32 करोड़ के अरपा पर बने डायवर्सन पर इएण्डम ने वर्टिकल गेट की बजाय टिटलिंग गेट लगा दिया ,इएण्डम के गलत और खर्चीले गेट लगाने से इसका उपयोग बंद हो गया है , जंग खा चुके अनुपयोगी गेट को बदलने के लिए अब चार करोड़ का फिर टेंडर निकाला जा रहा है , गलत जगह पर बने इस डायवर्सन से कन्हि सिंचाई नही हो रही है , जब से डायवर्सन बना है गेट नही का उपयोग नही हो रहा है , गेट खोलेंगे तो टूट जाएगा, इस डायवर्सन के को सुधारने के लिए अब बीस करोड़ खर्च होगा , मुवायजा भी बांट रहे है ओव्हारफ्लो का पाइप लाइन भी डाल रहे है , 32 करोड़ सरकार ने कर्ज लिया था ताकि जनता को सुविधा मिले लेकिन ऐसा नही हुआ ,कर्ज का ब्याज सरकार अभी भी पटा रही है,जनता का पैसा किसी जेब मे चला गया ये जांच का विषय है ,नया गेट लगाने के लिए पुराने स्ट्रक्चर में लोड फिर बढ़ाएंगे ,पुराना स्ट्रक्चर आंये लोड को ले पायेगा इसकी कोई गारंटी नही है ,कुल मिला आमामुड़ा योजना 52 करोड़ की होने जा गई है। जनता के पैसे को अपने जेब मे डालने का संगठित अपराध जारी , गलत जगह बने डायवर्सन से किसको लाभ मिला ये जांच का विषय है ,खत्म योजना में फिर पैसा डाल कर किसको फायदा पहुंचाने की योजना है पता नही इएण्डम के अधीक्षण अभियंता संजय पाठक से रिकवरी के बजाय गेट को नया लगाने चार करोड़ का टेंडर किया गया है। जिसका कोई मतलब नही है,

