बिलासपुर-हाईकोर्ट द्वितीय अवमानना याचिका में आलोक शुक्ला , सचिव , स्कूल शिक्षा विभाग को नोटिस जारी। शिवप्रसाद कृपाल , रमाशंकर नाग सहित कुल 56 व्यक्तियों की प्रथम नियुक्ति चपरासी ( प्यून ) के पद पर डेली बेसिस कर्मचारी के रूप में जिला कांकेर में नियुक्ति हुई थी 10 वर्ष की सेवाकाल के पश्चात् उन्हें सेवा में नियमित ना किये जाने पर हाईकोर्ट बिलासपुर के समक्ष रिट याचिका दायर किये जाने पर सचिव स्कूल शिक्षा विभाग को मामले के निराकरण का निर्देश दिया गया था सचिव स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा हाईकोर्ट के आदेश का पालन न किये जाने पर याचिकाकर्तागण द्वारा प्रस्तुत प्रथम अवमानना याचिका की सुनवाई जज श्री संजय के अग्रवाल की बैंच में हुई । न्यायाधीश द्वारा प्रथम अवमानना याचिका में याचिकाकर्तागण को पुनः सचिव के समक्ष अभ्यावेदन देने का आदेश हुआ उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा पारित आदेश का पालन ना किये जाने से क्षुब्ध होकर शिवप्रसाद कृपाल , रमाशंकर नाग एवं अन्य द्वारा हाईकोर्ट अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं दुर्गा मेहर के माध्यम से हाईकोर्ट बिलासपुर के समक्ष द्वितीय अवमानना याचिका दायर की गई अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं दुर्गा मेहर द्वारा प्रस्तुत अवमानना याचिका की सुनवाई जस्टिस संजय के अग्रवाल की बेंच में हुई । अधिवक्तागण द्वारा इस मामले पर गंभीर एवं कड़ी आपत्ति दर्ज की गई कि न्यायालय अवमानना अधिनियम 1971 के तहत् यह प्रावधान है कि उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन ना कर उनकी घोर अवमानना किये जाने पर कारावास के दण्ड से दण्डित किया जायेगा । इसके बावजूद भी प्रथम अवमानना याचिका में उच्च न्यायालय द्वारा निर्देश जारी किये जाने के बावजूद मी याचिकाकर्तागण को उच्च न्यायालय , बिलासपुर के समक्ष उच्च न्यायालय के आदेश का पालन कराये जाने हेतु पुनः एक ही मामले में द्वितीय अवमानना याचिका दायर करने की आवश्यकता पड़ी दिनांक 24 फरवरी 2023 को न्यायाधीश संजय के अग्रवाल के समक्ष उक्त मामले की सुनवाई के पश्चात् अधिवक्तागण की गंभीर आपत्ति के पश्चात् उच्च न्यायालय द्वारा उक्त द्वितीय अवमानना याचिका को स्वीकार कर आलोक शुक्ला , सचिव , स्कूल शिक्षा विभाग , रायपुर को अवमानना नोटिस जारी कर तत्काल उक्त मामले में जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया ।

