सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारी से नहीं की जा सकती वसूली- हाईकोर्ट।

बिलासपुर- अभनपुर निवासी कृष्णालाल साहू सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भाटापारा में एन.एम.ए. के पद पर पदस्थ थे । दिनांक 31 मई 2022 को 62 वर्ष आयु पूर्ण करने पर उन्हें सेवानिवृत्त कर दिया गया सेवानिवृत्ति के 06 ( छ ) माह पश्चात् बी.एम.ओ. भाटापारा द्वारा उनके सेवानिवृत्ति देयक से वसूली आदेश जारी कर दिया गया । उक्त वसूली आदेश से क्षुब्ध होकर कृष्णालाल साहू द्वारा हाईकोर्ट अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं घनश्याम शर्मा के माध्यम से हाईकोर्ट बिलासपुर के समक्ष रिट याचिका दायर कर वसूली आदेश को चुनौती दी गई । अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं घनश्याम शर्मा द्वारा हाईकोर्ट के समक्ष यह तर्क प्रस्तुत किया गया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा वर्ष 2015 में स्टेट ऑफ पंजाब विरुद्ध रफीक मसीह ( व्हाइट वासर ) इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा वर्ष 2022 में थामस डेनियल विरुद्ध स्टेट ऑफ केरला के बाद निर्णय दिया गया है कि किसी भी तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी इसके साथ ही सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारी के रिटायरमेन्ट के पश्चात् किसी भी प्रकार का वसूली ( रिकव्हरी ) आदेश जारी नहीं किया जा सकता है । चुंकि याचिकाकर्ता दिनांक 31 मई 2022 को सेवानिवृत्त हो गए थे सेवानिवृत्ति के 06 ( छः ) माह पश्चात् खण्ड चिकित्सा अधिकारी , भाटापारा द्वारा जारी किया गया वसूली आदेश नियम विरुद्ध है एवं निरस्त किये जाने योग्य है । उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा उक्त रिट याचिका की सुनवाई के पश्चात् रिट याचिका को स्वीकार कर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रफीक मसीह एवं थामस डेनियल के केस में पारित न्यायदृष्टांत के आधार पर याचिकाकर्ता के विरुद्ध जारी वसूली आदेश पर स्थगन ( स्टे ) कर दिया गया ।

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