केंद्रीय बजट पर बोले मेयर रामशरण- यह सिर्फ एक जुमला, सिर्फ फैंसी घोषणाएं, भविष्यवादी नहीं, अवसरवादी और जनविरोधी
बिलासपुर। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन द्बारा पेश बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए मेयर रामशरण यादव ने कहा कि 2024 में होने वाले लोकसभा और 2023 में कुछ राज्यों में होने वाले चुनाव को देखकर यह बजट पेश किया गया है। यह सिर्फ एक जुमला है। महंगाई को रोकने के लिए इस बजट में कुछ नहीं है। रोजगार के लिए इस बजट में कुछ नहीं है। सरकारी भर्ती के लिए इस बजट में कुछ नहीं है। गरीब के लिए इस बजट में कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि इस बजट में केवल फैंसी घोषणाएं हैं, जो पहले भी की गई थीं। पीएम किसान योजना से सिर्फ बीमा कंपनियों को फायदा हुआ किसानों को नहीं। मेयर श्री यादव ने केंद्रीय बजट को जनविरोधी करार देते हुए दावा किया कि आयकर स्लैब में बदलाव से किसी की मदद नहीं होगी। यह केंद्रीय बजट भविष्यवादी नहीं है और पूरी तरह से अवसरवादी, जनविरोधी व गरीब विरोधी है। यह केवल एक वर्ग के लोगों को लाभान्वित करेगा। यह बजट देश की बेरोजगारी के मुद्दे को हल करने में मदद नहीं करेगा।
केंद्र सरकार के बजट पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया–
प्रदेश महामंत्री अर्जुन तिवारी ने कहा कि बजट अमीरों को अमीर और गरीबो को गरीब बनाने वाला है ,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था 2022 में किसानों की आय दुगुनी हो जाएगी ,जो हुआ नही पर आज बजट में किसानों को लेकर कोई विशेष घोषणा नही की गई, किसानों को उन्नत बीज, सस्ता खाद, सस्ती बिजली, मोटर पंप सस्ते में कैसे उपलब्ध हो इस पर कोई चर्चा नही ,किसानों के खेती लागत मूल्य कम कैसे किया जाए,किसानो के उत्पादन का उचित समर्थन मूल्य का भी कोई प्रावधान नही किया गया है ,इससे केंद्र सरकार के किसान विरोधी चेहरा दिखता है , बजट में छत्तीसगढ़ के किसानो को विशेष पैकेज की जरूरत की अपेक्षा थी क्योकि छत्तीसगढ़ की अर्थ व्यवस्था कृषि आधारित है।पर निराशा और किसान विरोधी बजट है।
शहर अध्यक्ष विजय पांडेय ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केंद्र सरकार का बजट ठीक उसी प्रकार है जैसा कि छत्तीसगढ़ में एक वन्दे भारत ट्रैन चलाकर ढाई वर्षो से पैसेंजर ,एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन बन्द पड़ा है ,छोटे छोटे स्टेशनों के स्टापेज खत्म कर दिया गया ,टिकट की रेट बढ़ी हुई ,जनता परेशान है और नरेंद्र मोदी वन्दे भारत के सम्मान में कसीदे पढ़ रहे है ,मतलब साफ है बजट जनता को बताने के लिए है और लाभ अपने उद्योगपति मित्रो को देना है ।
विजय पांडेय ने जब पैसेंजर ,एक्सप्रेस ट्रेने बन्द है फिर इतना भारी भरकम बजट क्यो रखा गया है ,ऐसा लगता है रेल के निजीकरण को बढ़ावा देने के लिए रेल बजट में 2.40 लाख करोड़ का प्रावधान रखा गया है ।
ज़िला अध्यक्ष विजय केशरवानी ने कहा कि बजट चुनावी और गरीबो के साथ मजाक करने वाला है ,महंगाई पर कैसे नियंत्रण करे इस पर कोई फार्मूला नही है ,जनता पेट्रोल,डीजल ,गैस की बढ़ती कीमतों से परेशान है, युवाओ के लिए ,किसानों के लिए बजट में कुछ नही कुल मिला कर जनता एक बार फिर आंकड़ो में उलझ गईं है और अपने आप को ठगा सा महसूस कर रही है।

