भारतीय किसान संघ के बैनर तले देश भर के किसान साथ दिल्ली में केंद्र के खिलाफ करेंगे प्रदर्शन, जीएम फसलों की अनुमति वापस लेने सहित कई मांग,जाग किसान संघ।

बिलासपुर- भारतीय किसान संघ लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य एवं अन्य मांगों को लेकर 19 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में किसान गर्जना रैली करने जा रहा है। इस रैली में देश भर से दो लाख किसान जुटेंगे। किसान गर्जना रैली में छत्तीसगढ़ से सभी जिलों से हजारों की संख्या में किसान बसों एवं ट्रेनों से दिल्ली जा रहे हैं।

देश में स्वतंत्रता का अमृत महोत्सव चल रहा है, देश में जब खाद्यान की समस्या थी, तब स्व. प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री जी ने जय जवान-जय किसान का नारा दिया था। वह भी काफी वर्ष हो गये, आज भी किसानों ने सभी आदानों को एम.आर.पी. में खरीदता तो है लेकिन बेचने के समय एम.एस.पी. की बात चलती है।
स्वतंत्रता के 75 वर्षों के बाद किसान आज भी इंतजार में है कि उनकों कब न्याय मिलेगा। कम से कम ‘‘लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य’’ तो उनको मिलें। वह तो नही मिलता है इसके उपर सभी आदानों के उपर जी.एस.टी. की मार भी अलग से है। जी.एस.टी. कानून के अंतर्गत सभी उत्पादकों को इनपुट क्रेडिट मिलता है सिवाय किसानों को छोड़कर।
यद्पि सरकार ने किसान सम्मान निधि का एक अच्छा कदम सही दिशाा में अपर्याप्त कदम था, फिर भी किसानों ने उसका खुले दिल से स्वागत किया। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि किसानों के लिए एक छोटा सा बड़ा कदम है। मगर ये वर्ष 2019 की किसान सम्मान निधि 6,000 रू. प्रति वर्ष आज की स्थिति में, सारे आदानों मे मूल्य वृद्वि के कारण बहुत ही कम लगता है।
सरकार किसान के हित में सोचकर खाद में सब्सीडी तो देती है लेकिन ये अधिकतर किसान के हित में न होकर कम्पनियों के हित में है। हाल ही में पर्यावरण मंत्रालय ने जी.एम. सरसों को अनुमति दे दिया है। इधर प्रधानमंत्री जी ने प्राकृतिक खेती की बात करते है, जैव विविधत्ता की बात करते है, मधुमक्खी पालन की बात करते है, पंचमहाभूत के संरक्षण की बात करते है, उधर पर्यावरण मंत्रालय ने इन सभी के एकदम विपरित जी.एम. फसलों की तरफदारी कर रहे है।
ऐसे ही हर क्षेत्र को पानी के लिए नदी जोड़ने की घोषणा तो हुई है लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ दिख नही रहा है।
इसलिए भारतीय किसान संघ ने आगामी 19 दिसंबर 2022 को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक विशाल किसान गर्जना रैली का आयोजन कर रहा है। देश के सभी प्रांतों से करीब 560 जिलों से प्रतिनिधि आने वाले है, कई प्रतिनिधि अपने-अपने स्थानों से साईकिल रैली, मोटरसाईकिल रैली, जन सभाऐं, नुकड़ सभाऐं, पत्रकार वार्ताऐं करते हुए निकल पड़े है।
अच्छी बात हैै कि सभी पत्रकार बंधु ने इस जन-जागरण का पर्याप्त साथ दिया है।
हमारी मांगे मुख्यतः निम्न है –

  1. लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य किसानों को मिलें।
  2. किसान सम्मान निधि में आदानों की दर वृद्वि के अनुपात में वृद्वि हो।
  3. कृषि आदानों को जी.एस.टी. मुक्त करें।
  4. जी.एम. फसलों की अनुमति को तुरंत वापस लें।

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