बिलासपुर- एक अच्छा अधिकारी युवाओं को जीवन मे सफलता की राह बताए तो निश्चित रूप से उसका असर युवाओं पर पड़ता क्योंकि हर चीज को जानने की उमर सफलता को संमय से पहले पाना चाहती है लेकिन मंजिल को पाना कैसे है,क्या जरूरी है क्या कारण इसकी राह बताने वाले कि आज बेहद जरूरत है ,बिलासपुर के आई जी रहे डाँगी ने जेपी वर्मा कालेज में सैकड़ो की संख्या में मौजूद को जीवन के राह को पाने की जो स्पीच दी उसे युवा एक घंटे सुनता रहा ये अपने आप मे बड़ी बात है ,आज संभाग में ऐसा कोई वक्ता नही है जिसे आज का युवा चुप बैठ कर सुने व्व भी एक घंटा आईंस्टीन से लेकर हनुमान ,अर्जुन,बुध ,अंबेडकर ,शास्त्री के संघर्षमय जीवन के बारे मे बता कर युवाओं को प्रेरित किया , डाँगी ने कहा कि जीवन मे अनुशासन के साथ लक्ष्य तय करेंगे तो सफलता मिलनी तय है ,आदत से भविष्य बनता है, अपनी मंजिल तय कर ले फिर आपको आगे आने से कोई नही रोक सकता ,पहले जिन महापुरुषों ने संघर्ष किया उसकी तुलना मै आज बेहद सुविधा है ,मोबाईल आज बेहद खरतनाक चीज है इससे नुकसान ही है अपराध के साथ सामाजिक ,पारिवारिक,और आपकी पढ़ाई का नुकसान हो रहा है इसका उपयोग करें सोर्स को रिसोर्स बनाये तभी सफलता मिलेगी,माता पिता के दिये पैसे को खर्च करने के से पहले सोचे कि उन्होंने किस परिस्थिति में भेजा है, फेस बुक ,इंस्टाग्राम, टिवटर में कुछ पोस्ट न करे ये सब सायबर अपराध बनता है सलाखों के पीछे पहुंचा सकता है। युवा हनुमान की तरह उसे उसकी शक्ति याद दिलानी पड़ती है,वो बम भी बना सकता है ओर ऊर्जा भी लेकिन अपनी ताकत को समाज देश और परिवार के लिए ऊर्जा कैसे बनाये इस पर ध्यान देने की जरूरत है, आज कंपीटिशन के युग् में आंख नही पुतली को देखने की जरूरत है।


