बिलासपुर- मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट को पशुपालन पालन विभाग हितग्राहियों के पास आसानी से पहुंचने में रोड़ा बन गया ,मुख्यमंत्री के गांधी के गांव की कल्पना में बिलासपुर का पशुपालन विभाग हितग्राहियों के लिए परेशानी का सबब बन गया है ,इस सब के पीछे यंहा लंबे समय से जमे अधिकारी जिम्मेदार है , अभी एक घटना में बीपी सोनी पर हितग्राही से 37 हजार रुपये लेने का मामला सामने आया है, ऐसे ही कई मामले है लोक हितग्राहियों को अधिकारी कर्मचारी परेशान करते है ,इसमी कई कांग्रेस के कार्यकर्ता भी जो अपने ही सरकार इन अधिकाररियो की मनमानी का शिकार है ,इससे कार्यकर्ता मनमसोस कर रहा जाता है कंहा शिकायत करे समझ नही आता , मंत्री जी छोटी समस्या समाझ कर ध्यान नही दे रहे है ।लेकिन ये छोटा असंतोष बड़ा कारण बनता है, जिले के अधिकारी कोई कोई जानकारी नही रहती वो हितग्राहियों से ठीक बात नही करते मुख्यमंत्री के जिस प्रोजेक्ट से से विपक्ष घबराया हुआ है उसमें गंभीरता रहनी चाहिए । पशुपालन विभाग में लेनदेन ज्यादा होने से हितग्राही परेशान है। कृषि मंत्री ध्यान दें चुनाव का समय है काम मे लापरवाही या आनाकानी ठीक नही है। कृषी मंत्री व्यस्त रहते है इसलिए फोन नही उठाते ,अब हर आदमी के पास कार नही है न ऐसी आर्थिक स्थिति की बार बार किराए की गाड़ी से उनके पास जा सके ,विभाग की मॉनिटरिंग होते रहना चाहिए।और अपने लोगो का भी ध्यान रखना चाहिए,तो व्यवस्था बने रहती है।

