बिलासपुर- बीजेपी ने छत्तीसगढ़ में भाजपा का नया प्रदेश अध्यक्ष बना कर बीजेपी के कार्यकर्ता और और लोगो के बीच थोड़ी ताजगी दी है प्रदेश के बाकी पदाधिकारी में थोड़ा बहुत बदलाव हुआ है जिले में बदलाव होना बाकी है असली बदलाव तो तब होगा जब जब 90 सीट पर संगठन नए कार्यकर्ताओं को टिकट देगा ।इसकी हीम्मत संगठन जुटा पायेगा ऐसा लगता नही ,गंगरेल के रिसोर्ट में हुई बैठक में संगठन के मंत्रीशिवप्रकाश और ओम माथुर ने जो कड़ाई दिखाई है उससे कुछ आसार दिख रहे है ।संगठन के इन पदाधिकारियों को पार्टी को बचाने के लिए और कड़े फैसले लेने होंगे,जमीन स्तर पर कार्यकर्ता उनके बेहतर फैसलों का इंतजार कर रहा है ।15 साल राजेश मूढ़ जैसे कई और मठाधीशों ने राज किया ,कार्यकर्ता और जनता को नौकर समझा छत्तीसगढ़ियों की उपेक्षा ,बदतमीजी ,और दुर्व्यवहार किया ,रमन मंत्री मण्डल में रहकर जमीन पर पांव नही रहे ,एक सूत्रीय कार्यक्रम पैसा कमाना रहा एक सूत्रीय कार्यक्रम कार्यकर्ता और जनता की उपेक्षा रहा , इससे जनता और कार्यकर्ता दोनो नाराज है ,और ये नाराजगी 90 सीटो में नए चेहरों को टिकट देने से दूर होगी, कुछेक नेताओं को छोड़ कर पार्टी के नेता बदलने लायाक है। पार्टी संगठन के पदाधिकारियों की राह आसान नही छत्तीसगढ़ में पार्टी की कब फ्रेंचाइजी बिक गई किसी को पता नही चला इसके लिए पवन साय जैसे सुस्त संगठन मंत्री भी जिम्मेदार है ,राजनाथ सिंह के प्रदेश राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते जो गलती हुई उसका खामियाजा पार्टी ,कार्यकर्ता और जनता भुगत रही है । इन सब गलतियों को सुधारने के लिए संगठन को कड़े फैसले लेने होंगे, यंहा के मठाधीश नेता तो मोदी सरकार की योजना का प्रचार करते भी नही दिखते।सबसे बड़ी बात पुराने मठाधीश नेता आज भी लोगो आउट कार्यकर्ताओं से तमीज से पेश नही आते जनता में इनकी रिपोर्ट ठीक नही है , जनता इनको अब पसंद नही कर रही है ,कार्यकर्ता और जनता की बात जो हमने सुनी बता दी।

