सिपाही को हाईकोर्ट से मिली राहत।

मेडिकल आधार पर स्थानांतरण मामले का निराकरण का निर्देश

बिलासपुर-विजय खुण्टे पत्थलगांव , जिला- जशपुर में पुलिस विभाग में हेड कॉन्स्टेबल के पद पर पदस्थ हैं एवं उनकी पत्नी जिला अपराध शाखा ( डीसीबी ) जशपुर में आरक्षक के पद पर पदस्थ हैं । विजय खुण्टे की पत्नी बहरातिन खुण्टे की खून की कमी ( एनीमिया ) बीमारी से ग्रसित होने के कारण उन्हें वर्ष 2017 में सॉफ्ट डॅयूटी हेतु जिला अपराध शाखा जशपुर में पदस्थ किया गया था । वर्तमान में विजय खुण्टे के दो बच्चे 12 वर्ष एवं 18 वर्ष के हैं जो कि उनकी पत्नी के साथ जशपुर में ही रहते हैं । बहरातिन खुण्टे , एनीमिया बीमारी ग्रस्त होने के कारण उनका लगातार जिला- कोरबा एवं बिलासपुर में ईलाज चल रहा है । पारिवारिक कर्तव्यों के निर्वहन में बाधा उत्पन्न होने के कारण विजय खुण्टे द्वारा हाईकोर्ट अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं घनश्याम शर्मा के माध्यम से हाईकोर्ट बिलासपुर के समक्ष रिट याचिका दायर की गई । अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं घनश्याम शर्मा द्वारा हाईकोर्ट के समक्ष यह तर्क प्रस्तुत किया गया कि याचिकाकर्ता की पत्नी बहरातिन खुण्टे एनीमिया जैसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त है एवं सॉफ्ट वर्क हेतु उन्हें जिला अपराध शाखा , जशपुर में पदस्थ किया गया था , गंभीर बीमारी के ईलाज के साथ साथ दो बच्चों के पालन – पोषण की जवाबदारी शासकीय सेवा की जवाबदारी आदि कर्तव्यों के निर्वहन में काफी बाधा उत्पन्न हो रही है । याचिकाकर्ता विजय खुण्टे की जशपुर से 120 कि.मी. दूर पत्थलगांव में पदस्थापना होने के कारण वे पत्नी एवं बच्चों की उचित देखभाल नहीं कर पा रहे हैं । उच्च न्यायालय , बिलासपुर द्वारा उक्त रिट याचिका की सुनवाई के पश्चात याचिका को स्वीकार कर याचिकाकर्ता विजय खुण्टे को यह निर्देशित किया गया कि वे अपनी पत्नी की बीमारी के ईलाज एवं बच्चों की उचित देखभाल हेतु जशपुर शहर में पदस्थापना हेतु पुलिस अधीक्षक ( एसपी ) जशपुर के समक्ष अभ्यावेदन पेश करें एवं पुलिस अधीक्षक जशपुर मेडिकल आधार पर याचिकाकर्ता के मामले का नियमानुसार निराकरण कर 04 ( चार ) सप्ताह के भीतर अभ्यावेदन का निराकरण करें

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