बिलासपुर –अचानकमार के बम्हनी डीहकान में एक महिला की तबियत खराब हो गई पहले ट्रेक्टर में नदी किनारे तक लाया गया फिर मरीज को खटिया में लेकर छह लोगों ने कंधे में मरीज और और उसकी माँ को लेकर खटिया कंधे पर उठाई फिर भगवान को मनाते हुए नदी पार करते दिख रहे है ,15 साल रमन सरकार ने बेहद वीकास किया लेकिन स्थिति नही सुधरी इस तश्वीर को देख कर शासन प्रशासन को संज्ञान में लेकर व्यवस्था करनी चाहिए ,मुंगेली जिला प्रशासन लगता है कमरे से चल रहा है मैदान में कोई स्थिति देखने नही जाता जिले का स्वास्थ विभाग भी निष्क्रिय लगता है ,छोटे जिल्रे में भी कलेक्टर यदि काम नही कर पाएंगे तो क्या होगा सरकार ने छोटे जिल्रे इसलिए बनाये ताकि आम लोगो को सुविधा मिल सके शासन की योजना का लाभ मिल सके लेकिन इस पर काम नही हो रहा है दरअसल सरकारी मशनिरी को जंग लग गया है हर मामले में सीएम तो देखेंगे नही जिल्रे के कलेक्टर से लेकर स्वास्थ विभाग के बड़े अधिकारी मोटी तनख्वाह के साथ मौजूद है इनको तनख्वाह हीं जन सेवा की मिलती है लेकिन काम नही कर रहे है ऐसे जिल्रे के अधिकारी जबरन निष्क्रिय रहकर किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहे है,और सरकार की बेहतर छवि को बट्टा लगा रहे है,जिले के जनप्रतिनिधि भी सक्रिय नही दिखते, एक स्वास्थ सुविधा नही है तो एक पुल यंहा पीडब्ल्यूडी के अधिकारी जरूरत के हिसाब से बना सकते है जिले का पीडब्ल्यूडी भी निष्क्रिय दिखता है ,छोटा जिला है पता नही अधिकारी सब व्यवस्थित करने में कामचोरी क्यो दिखाते है जबरिया छोटे से काम के कारण और अधिकारियों की निष्क्रियता के कारण लोग सरकार पर आरोप लगाते है।स्वास्थ मंत्री भी ऐसे मामले में गंभीर नही दिखते जबकि उनकी बड़ी जिम्मेदारी बनती है ।
