बिलासपुर- प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया कांग्रेस भवन में बैठक लेकर कांग्रेस को चुनावी मोड़ में लाने के साथ नए अध्यक्ष के लिए रायशुमारी करेंगे,हालांकि उम्मीद है कि मोहन मरकाम को फिर से कमान मिलेगी लेकिन कुछ नया होने के कयास भी लगाए जा रहे है ,बदलाव से ऊर्जा आती है संगठन के साथ लोगो मे भी संदेश जाता है बीजेपी ने अपना अध्यक्ष बदला है तो कांग्रेस भी रणनीतिक तौर पर इस पर विचार कर सकती चुनावी वर्ष में संगठन के अध्यक्ष का भी महत्व होता है ।बीजेपी में अध्यक्ष बदलने से नया पन और उत्साह साफ दिख रहा है तो कांग्रेस भी ये देखने को क्यों नही मिलेगा। पीसीसी के चुनाव के लिए रणनीतिक तौर पर प्रतिनिधि बने है इससे साफ है कि नए अध्यक्ष की ताजपोशी कांग्रेस में भी हो सकती है मोहन मरकाम सत्ता के साथ तालमेल बना कर चल भी नही पाए ,सीएम बघेल के संमय जब विधायक दिल्ली जा रहे थे तो यही मोहन मरकाम सब को मना कर रहे थे । ऐसे मरकाम की फिर से ताजपोशी खतरे मे पड़ सकती है ,उस समय सीएम भूपेश को कमजोर मानकर मोहन मरकाम हमलावर हो गए थे।मरकाम ने एक लाइन खिंचने की पूरी कोशिश की थी ऐसे में भला सीएम जीवेत शरद सितम का आशीर्वाद देआश्चर्य होगा। मोहन मरकाम ने राहुल की पदयात्रा से कुछ साधने की कोशिश की है लेकिन सीएम ने साथ पैदल चल कर पूरा साध लिया है ,पुनिया भी थोड़ा बदले बदले दिख रहे है , राजीव शुक्ला भवन की बैठक में सीएम बघेल ने राहुल गांधी को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा तो सबने हाथ उठा कर सहमति दे दी उसी तरह प्रदेश अध्यक्ष का भी प्रस्ताव पास कर दिल्ली को सौप दिया गया इसमें प्रदेश अध्यक्ष से लेकर चुनाव समिति और दुसरे पदों पर निर्णय सोनिया गांधी करेंगी। वैसे मोहन मरकाम ने कहा है मेरा कार्यकाल खत्म हो गया है आगे पार्टी का जो निर्देश होगा मानेंगे, पुनिया भी भूपेश सरकार के कामकाज के दम पर 2023 में भी सरकार बनाने का दावा कर रहे है, लेकिन सभी सीटों पर कार्यकर्ताओं की राय जानने को जरूरी मान रहे है उनका कहना है कि इससे कार्यकर्ताओं में उत्साह आता है।
