बिलासपुर- सीएम बघेल के निमंत्रण पर चंद्रखुरी पहुँच कर आर एस एस प्रमुख मोहन भागवत ने बड़ा संदेश दिया है मोहन भागवत ने ये बात कन्हि न कन्हि सत्ता के शीर्ष पर बैठे दिग्गज नेताओं को ये संन्देश दिया है कि मनमानी न करे संघ अपनी विचारधारा पर चलता है किसी की जागीर नही है । मोहन भागवत ने चंद्रखुरी जा केंद्रीय नेतृत्व को संदेश दिया है की राम को मानने वालों के वो साथ है फिर चाहे बीजेपी हो या कांग्रेस । संघ के इतिहास की ये पहली घटना है कि किसी कांग्रेस मुख्यमंत्री के निमंत्रण को संघ प्रमुख ने स्वीकार किया है ,मोहन भागवत ने सीएम बघेल को जिस सरलता से स्वीकार कर माता कौशल्या के दर्शन किये वो सरलता वास्तव में ठोस जवाब भी केन्दीय नेतृत्व को है कि संघ अपनी विचारधारा को छोड़ेंगे नही उनकी विचारधारा से जो चलेगा वो उसके साथ चलेंगे ,संघ प्रमुख के इस कदम से कांग्रेस से ज्यादा बीजेपी में खलबली मच गई है ,सीएम बघेल ने राम वनपथ गमन को अपनी प्राथमिकता में शामिल किया है जबकि 15 साल की बीजेपी सरकार ने कभी इस तरफ ध्यान नही दिया ,भूपेश ने गायों के संरक्षण के लिए गोधन योजना और गया एम्बुलेंस से बना कर गौमाता के नाम पर वोट मांगने वालों को करार जवाब देकर सरकार की नीयत भी बता दी,स्वाभाविक है ये सब काम संघ के एजेंडे के है जिसे भूपेश सरकार ने पूराकर इसे रोजगारपरक बना दिया और भाजपाइयों के मुंह मे ताला लगा दिया ,मोहान भगवात का ये कदम सराहनीय है संघ प्रमुख ने चंद्रखुरी यात्रा करके साफ कर दिया कि हिन्दू राष्ट्र की भावना जिसके अंदर होगी हम उसका समर्थन करेंगे,चंद्रखुरी को लेकर बयानबाजी करने वाले भाजपा नेताओं को भी मुंह की खानी पड़ी जो केवल विरोध के लिए विरोध कर रहे थे ,मोहन भागवत बीके इस कदम को लोगो ने भी सराहा ।कहा कि जब राम की बात आई तो संघ प्रमुख निष्पक्षता से माता कौशल्या के मंदिर गए और प्रणाम किया।

