बिलासपुर जांजगीर चांपा जिले के जैजैपुर के विभिन्न गांवों के रहने वाले सचेन्द्र लाल चन्द्रा , राधेलाल रात्रे, राजकुमारी सोनवानी, जागेश्वर सिंह सिदार, गोरेलाल खैरवार,समेलाल टन्डन, और अशोक कुमार कंवर ने अपने अधिवक्ता अब्दुल वहाब खान के मार्फत इस आशय की याचिका पेश किए हैं कि विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी जैजैपुर के द्वारा उनसे ग़लत वेतन भुगतान के नाम पर राशि वापसी बाबत कार्यवाही अन्य राशि जमा करने आदेश जारी कर दिया है जिसपर हाईकोर्ट ने उस आदेश के क्रियान्वयन पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है जिसमें कहा गया था कि, याचिकाकर्ताओं को 2015 से जो क्रमोन्नत बढ़ा हुआ वेतन मिल रहा था वह ग़लत भुगतान किया जा रहा था इसलिए उन्होंने शिक्षकों से 500000/ से 700000/रूपए वापस जमा करने आदेश जारी किया था। इस प्रकार शिक्षको से वेतनवृद्धि का लाभ लेने की पात्रता नही रखते हैं ऐसा आधार बनाकर वेतनवृद्धि वापस लेते हुए कुछ दिनों के भीतर अधिक भुगतान की राशि वापस वसूल करने कार्यवाही करने संबंधी आदेश जारी किया है जिसपर
न्यायमूर्ति आर सी सामन्त ने प्रकरण में प्रारम्भू सुनवाई करते हुए रोक लगा दी है। राशि जमा कर वसूली कार्यवाही पर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए वसूली आदेश मपर अंतरिम रोक लगा दी है।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से इस मसले पर जवाब देने को कहा है।याचिका में तर्क दिया गया है कि,न्यायालयीन आदेश और राज्य सरकार के परिपत्र के आधार पर उन्हे वेतनवृद्धि दी गई है।वह परिपत्र आज भी प्रभावी है और राज्य सरकार ने अपात्र घोषित करते हुए रिकवरी के जो आदेश दिए हैं उसमें कोई सुनवाई का अवसर नही दिया गया है।सभी पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब भी तलब किया गया है।।

