बिलासपुर- कैलाशपुरी , टिकरापारा पुरानी बस्ती , रायपुर निवासी केदारनाथ तिवारी , जिला- कोरबा में पुलिस इन्सपेक्टर के पद पर पदस्थ थे दिनांक 31 अगस्त 2021 को 62 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर उन्हें सेवानिवृत्त कर दिया गया सेवानिवृत्ति के आठ माह पश्चात भी सेवानिवृत्ति देयक का भुगतान ना किये जाने से क्षुब्ध होकर केदारनाथ तिवारी द्वारा हाईकोर्ट अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं लक्ष्मीन कश्यप के माध्यम से हाईकोर्ट बिलासपुर के समक्ष रिट याचिका दायर की गई । अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं लक्ष्मीन कश्यप द्वारा हाईकोर्ट के समक्ष यह तर्क प्रस्तुत किया गया कि याचिकाकर्ता 62 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर अगस्त 2021 में पुलिस इन्सपेक्टर पद से सेवानिवृत्त हुए । इस दौरान उनके विरुद्ध किसी प्रकार की विभागीय सजा , विभागीय जांच , आपराधिक मामला एवं ना ही किसी प्रकार का वसूली आदेश जारी किया गया एवं ना ही लंबित था इसके बावजूद भी पुलिस महानिरीक्षक- बिलासपुर एवं पुलिस अधीक्षक कोरबा की लापरवाही से सेवानिवृत्ति इन्सपेक्टर केदारनाथ तिवारी को किसी भी प्रकार के देयक का भुगतान नहीं किया गया । उच्च न्यायालय ने रिट याचिका याचिका को गंभीरता से लेते हुए पुलिस महानिरीक्षक- बिलासपुर एवं पुलिस अधीक्षक कोरबा को यह आदेशित किया गया कि वे 90 ( नब्बे ) दिवस के भीतर याचिकाकर्ता को सम्पूर्ण सेवानिवृत्ति देयक का भुगतान करें भुगतान ना किये जाने पर दोषी अधिकारी के वेतन से 10 प्रतिशत ब्याज की राशि का भुगतान याचिकाकर्ता को किये जाने का आदेश किया गया ।

