बिलासपुर- बहुत सारे लोग मुझसे सवाल करते हैं कि आप इस तरह से धार्मिक आयोजन क्यों करते हैं, मैं उन्हें बताना चाहता हूँ कि जब हम छत्तीसगढ़ से बाहर जाते हैं तो लोग या तो इस प्रदेश को खनिज के नाम से जानते हैं या नक्सलियों के गढ़ के नाम से जानते हैं लेकिन मैं बताना चाहता हूँ कि छत्तीसगढ़ की बहुत उच्च संस्कृति और परम्पराएँ रही हैं। चाहे वो त्रेतायुग हो, द्वापरयुग हो या बौद्धकालीन हो सबमें हमारी उपस्थिति रही है। छत्तीसगढ़ के बिना किसी युग का उल्लेख नहीं हो सकता।
राम, भगवान कृष्ण, जगद्गुरु शंकराचार्य जी और स्वामी विवेकानंद से लेकर जितने भी महापुरुष हुए हैं उन्होंने समाज को जोड़ने का काम किया है।
शिवरीनारायण में जैसा केन्द्र बनाया है, वैसा ही केन्द्र राम वन गमन पर्यटन परिपथ में चिन्हित अन्य स्थानों पर भी बनाया जाएगा।
शिवरीनारायण में जैसा केन्द्र बनाया है, वैसा ही केन्द्र राम वन गमन पर्यटन परिपथ में चिन्हित अन्य स्थानों पर भी बनाया जाएगा।
शिवरीनारायण में एसडीएम कार्यालय की घोषणा
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने खरोद में लक्ष्मणेश्वर मंदिर और शबरी माता मंदिर को भी विकसित करने की घोषणा की
– हम लोग जब बच्चे थे तो रामायण का पाठ करते थे, ये हमारी संस्कृति में है.
राम का नाम हमें शीतलता प्रदान करता है
राम वनगमन पर्यटन परिपथ में शामिल स्थानों को शिवरीनारायण जैसा केंद्र बनाएंगे
हम अपने वैभव को ऊंचाई तक लेकर जाएंगे
शिवरीनारायण को केंद्र मानकर मल्हार, चंद्रहासिनी ,गिरौधपुरी जा सकते हैं
यह स्थान अन्य को जोड़ने का काम करेगा।
शबरी माता का मंदिर खरौद में है, शिवरीनारायण की तर्ज पर खरौद में शबरी माता और लक्ष्मणेश्वर मंदिर का विकास किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ में सुंदर स्थान है, जिन्हें पर्यटन के अनुकूल विकसित किया जाएगा।
शिवरीनारायण के गोद में प्रदेशभर के लोगों का समावेश हुआ है, इस आयोजन के पीछे हमारा कोई स्वार्थ नहीं है।
आज शिवरीनारायण में 238 करोड रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया जाएगा। विभिन्न विकास के कार्य अलग-अलग विभागों द्वारा किए जाएंगे।
पूरे प्रदेश में इस तरह का आयोजन नहीं हुआ है। रामायण मंडलियों का भव्य और बेहद सफल आयोजन के लिए मैं आप सभी को धन्यवाद देता हूँ। मैं जिला प्रशासन, नगरीय प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं सभी विभागों के साथियों को बधाई देता हूँ।
रामनामी समुदाय ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की

