बिलासपुर- स्वास्थ विभाग की तरह जिला पशु चिकित्सालय बीमार है यंहा पदस्थ डॉक्टर अमित तिवारी महीने पांच दी आता है सरकारी दावा आना बंद हो गई है ,पशुपालन मंत्री रविन्द्र चौबे का विभाग किसान और पशुओं की रक्षा के लिए जाना जाता है ,लेकिन यंहा साफ सफाई के साथ पशुओं के लिए दवाओं का टोटा है ,गंदगी के बीच गोद मे लेकर अपने पशुओं को लेकर आने वालों के लिए इलाज कराना मजबूरी है ,जिला पशुपालन अधिकारी को तत्काल यंहा से हटा देना चाहिए निष्क्रिय अधिकारियों के कारण पशुपालन मंत्री का का विभाग बदनाम हो रहा है ,चंद कदम की दूरी में स्थित जिला पशुपालन विभाग का जिला पशुपालन अधिकारी दौरा नहीं कर पा रहे है ,जबकि सरकार नरवा ,गराव बाड़ी ओर चल रही है लेकिन पशुपालन विभाग के अधिकारी सरकार की छवि खराब कर रहे है ,अब सरकार ने पेंशन देने की भी घोषणा बकर दी है लेकिन निष्क्रिय अधिकारी बिना काम के पेंशन और वेतन चाहते है , यंहा स्टाफ की मनमानी है संमय पर नही आते फिर वेतन।किस बात का दिया जा रहा है । अभी पशुओं में वायरल का समय है फिर भी पशुपालन विभाग लापरवाही बरत रहा है ,पशुओं के लिए दावा पशु मालिक से मंगवाई जाती है , एक डॉक्टर अमित तिवारी तो केवल वेतन लेने के समय अस्पताल आता है ,पेटभर वेतन और सुविधा मिलने के बाद भी यंहा काम करने के लिए सरकारी कर्मचारी को संमय नही ,इस सब के लिए जिला पशुपालन अशिकारी जिम्मेदार है उसको तत्काल हटा कर काम करने वाले को रखना चाहिए।
