बिलासपुर- अपेक्स बैंक के बैजनाथ चंद्राकर ने केन्द्रीय वित्तमंत्री श्रीमति निर्मला सीतारमन संसद में बजट पर प्रतिक्रिया में कहा है कि इस बजट में सहकारी समितियों के लिए न्यूनतम वैकल्पिक कर कंपनियों के अनुरूप 15 प्रतिशत टैक्स अधिरोपित किया है । भारत सरकार द्वारा सहकारी समितियों पर इस तरह टैक्स वसूली से सहकारिता कमजोर होगा । ग्रामीण अंचलों में प्राथमिक कृषि साख समितियां किसानों के लिए वित्तदायी संस्था है । किसान अपनी खेतीगत आवश्यकताओं के लिए इन्हीं समितियों पर सीधे निर्भर रहता है । सहकारी समितियों एवं सहकारी बैंकों पर इस तरह 15 प्रतिशत का टैक्स अधिरोपित करना सीधे – सीधे किसानों के प्रति अन्याय है । इससे सहकारी समितियों के वित्तीय सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा । बजट में मध्यम वर्ग के लोगों के लिए टैक्स में राहत नहीं दिया गया है । इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया । इससे करदाताओं में मायूसी है । यह बजट मीडिल क्लास के हित पर कुठाराघात है । बजट में गरीबों , युवाओं , महिलाओं तथा किसानों के लिए समग्र कल्याण की केवल बात कही गई है , इसमें कोई व्यवहारिता नही है । बजट में आधुनिक इंफास्टेक्चर , प्रौद्योगिकी समर्थित विकास और सार्वजनिक निवेश की बड़ी – बड़ी बातें बातें कहीं है । ऐसा लगता है यह बजट औधोगिक घरानों

