बिलासपुर- खिलाड़ी अगर कोई पदक जीते तो उसका सम्मान समझ मे आता है लेकिन अगर खिलाड़ी केवल किसीमैच में में खेलने आई हो और उनके सम्मान में भोज हो जाये तो इसे केवल खेल के प्रति समर्पण ही कहा जा सकता है इस सम्मान की अहमियत एक खिलाड़ी ही समझ सकता है जब किसी दूसरे प्रदेश या स्थान में खेलने जाता है तो उसको खाने पीने रहने के लिए कितनी मशक्कत करनी पड़ती है इसलिए खिलाड़ी घर लेटने के इंतजार में रहता क्योंकि पेट भर खाना जो खाना रहता खेल सब आयोजित करना चाहते है लेकिन हर खिलाड़ी को सुविधा और सम्मन नही दे पाते आज के के व्यवसायी खेल में भले ही खिलाड़ियों का जलवा है लेकिन एक खिलाड़ी अगर खिलाड़ियों के सम्मान में भोज रखे तो इसका महत्व एक खिलाड़ी ही समझ सकता है

