बिलासपुर। बुधवारी बाजार में में दुकानों के लाईसेंस एवं लाइसेंस फीस के संबंध में केंद्रीय राज्य मंत्री की पहल का स्वागत करते हुए बुधवारी बाजार व्यापारियों ने केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू से मुलाकात कर आभार जताया है। एवं कुछ मांगे भी उनके समक्ष रखी गई। पार्षद अब्दुल खान व्यापारियों में जितेंद्र राय, मोती थारवानी, हरीश हरिश्चंद्र श्रीवास, मोहम्मद सोहेल, उत्तम मलिक, हरदीप, आलोक, सहित अनेक व्यापारियों ने केंद्रीय राज्य मंत्री से चर्चा करते हुए बताया कि रेलवे ने लाइसेंस फीस को लेकर जो निर्धारण किया है उसमें कुछ विसंगति है लाइसेंस फीस दिया गया है वह सर्कुलर 2005 से लेना चाहिए परन्तु लिया गया 2022 से जबकि पुराना जो फीस 2013-14 से रुका हुआ है तो 13-14 से लेकर 2022 तक का जो फीस है। वह पुराने रेलवे के सर्कुलर के हिसाब से लेना चाहिए और 2022 के बाद जो अभी तक का फीस है नया सर्कुलर 2022 का जारी हुआ है उसके हिसाब से लेना चाहिए यह बड़ी विसंगति है और जो डैमेज की बात हुई तो रेलवे के पूर्व अधिकारियों की जानकारी बाजार यूनियन की तरफ से दे दिया गया था जिसमें रेलवे के सभी बड़े अधिकारी उपलब्ध है तो फिर भी उन्होंने अपना डैमेज शुल्क लिया है। जिस पर रेलवे को ध्यान देना चाहिए और आम व्यापारियों को देखते हुए उसे माफ करना चाहिए जबकि हमारा जो लाइसेंस फीस है 2013-14 से बाकी है तो जीएसटी 2000 जून 2017 से लागू होने के कारण पूर्व में जो सर्विस टैक्स लगता था वह लगना चाहिए। 2017 से लेकर वर्तमान तक जो भी इनका जीएसटी बनता है जबकि जीएसटी रेल प्रशासन ने लाइसेंस फीस में 2013 से जोड़ दिया है जिससे व्यापारियों ने विसंगति को भी दूर करने की मांग केंद्रीय मंत्री से की है। लाइसेंस नवीनीकरण कराया जाना है उसका जो शुल्क है। बाजार में दो प्रकार से व्यापारियों से शुल्क लिया जाता है पहला वह है जो ब्लड रिलेशन से पूर्व से शुरू से उनके नाम से दुकान चली आ रही है तो उनको पूर्ण निश्चित के हिसाब से लेना चाहिए और जो नया लाइसेंसी बना है जिसका कि उसेh दुकान से कोई संबंध नहीं है वह ऐसे पावर ऑपरेटर ना ही होल्डर के रूप में उसने दुकान को अधिग्रहित करके अपने नाम लिया तो उनका लाइसेंस फीस का जो प्रावधान है वह अलग है और पूर्व वालों का अलग होना चाहिए और है इसको रेलवे को ध्यान रखते हुए पुराना का पुराना हिसाब से व्यापारियों ने केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के माध्यम से रेलवे प्रशासन से मांग की है कि जो बढ़ा हुआ किराया लाइसेंस शुल्क के लिए जो अभी वसूली की जो रेलवे ने पत्र जारी किया उसमें राशि बहुत ज्यादा है इसलिए उसे व्यापारियों से एक मुस्त देने में असमर्थ है उन्हें किस्तों में सुविधा प्रदान की जाए। जिसे व्यापारियों को राहत मिल सके और रेलवे को पूरा भुगतान की राशि भी मिल सके।