राष्ट्रपति से संवैधानिक अधिकारो को लेकर भेंट, प्रदेश अध्यक्ष (युवा) सुभाष सिंह परते,ने की आदिवासियों के गंभीर मामलों पर राष्ट्रपति से चर्चा, राष्ट्रपति ने बीस के बजाए 45 मिनट सुनी बात।
राष्ट्रपति से संवैधानिक अधिकारो को लेकर भेंट, प्रदेश अध्यक्ष (युवा) सुभाष सिंह परते,ने की आदिवासियों के गंभीर मामलों पर राष्ट्रपति से चर्चा, राष्ट्रपति ने बीस के बजाए 45 मिनट सुनी बात।
*राष्ट्रपति से संवैधानिक अधिकारो को लेकर भेंट प्रदेश अध्यक्ष (युवा) सुभाष सिंह परते
बिलासपुर रायपुर अक्टूबर, अरविंद नेताम पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं अध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज के नेतृत्व छत्तीसगढ़ एवं देश आदिवासी प्रतिनिधि मंडल महामहिम राष्ट्रपति से मिलकर प्रदेश में आदिवासियों के संवैधानिक मुद्दों को लेकर वह आगामी जनगणना में अलग आदिवासी धर्म कोड, यूसीसी से आदिवासी समाज कों पृथक रखने का निवेदन पर सहमति और आश्वासन दिये। पेसा कानून पर बोले प्रदेश को पेसा नियम बनाना चाहिए और ग्राम सभा को पूरा अधिकार दे । खनन और उद्योग के लिए जमीन अधिग्रण कर आदिवासियों जमीन से बेदखल/ विस्थापन पर गंभीर हुए। बस्तर में जमीन का बंदोबस्ती नहीं होने आदिवासियों को रेवन्यू विभाग से परेशानी होती है। नक्सल समस्या अब खत्म हो गया तो सलवा जुडूम और नक्सल के चलते बस्तर के विस्थापित आदिवासी को वापस बसाया जाए। नक्सल समस्या में बेगुनाह आदिवासी जो वर्षों से जेल में बंद है उनका जांच कराकर यथाशीघ्र रिहाई की कार्यवाही की जानी चाहिए।आरक्षण,पदोन्नति में आरक्षण, बैकलॉग भर्ती ,स्थानीय भर्ती एवं आय सीमा 2.50 लाख को लेकर निवेदन किए एवं सभी विषयों पर अलग से पत्र सौंपे। अध्यक्ष अरविंद नेताम जी एवं प्रतिनिधियो ने आदिवासियों के प्रावधानित संवैधानिक अधिकार का केंद्र एवं राज्य शासन के पालन और वर्तमान स्थित को लेकर समीक्षा की जानी चाहिए का निवेदन किए।
प्रांतीय अध्यक्ष युवा सुभाष परते ने प्रदेश में मूलनिवासीयो के संवैधानिक हकों की अनदेखी पर महामहिम जी का ध्यान आकर्षित कराये ।
*राष्ट्रपति ने कहा* आदिवासीयत, जल जगल जमीन के लिए आदिवासियों को एक होकर काम करना पड़ेगा और जागरूक होना पड़ेगा।
प्रदेश अध्यक्ष सुभाष परते ने राष्ट्रपति के सामने कई अहम मसलों पर राजनीति सामाजिक मामले को भी राष्ट्रपति के सामने रखा वर्तमान स्थिति परिस्थिति और इसके आगे पड़ने वाले प्रभाव को भी राष्ट्रपति के सामने रखा, सुभाष परते की पूरी बात राष्ट्रपति ने गंभीरता से सुना। सबसे खास बात ये रही कि पूरी बात गंभीरता से सुनने के बाद राष्ट्रपति सुभाष परते को दिल्ली बुलाया है।
इस अवसर पर प्रदेश एवं देश के प्रतिनिधि मंडल के रूप में अरविंद नेताम (अध्यक्ष),अकबर राम कोर्राम(अध्यक्ष गोंडवाना गोंड महासभा छ ग), बी एस रावटे (कार्यकारी अध्यक्ष),विनोद नागवंशी(प्रदेश सचिव),देवकुमार धान (पूर्व सांसद झारखंड),भुवन कोर्राम(राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष गोंडवाना गोंड महासभा , मध्यप्रदेश),विश्वनाथ ताना जी वाकड़े (महाराष्ट्र), निपोन सुटिया (सलाहकार नॉर्थ ईस्ट स्टूडेथ यूनियन, असम),मोहनलाल कोमारे (कोषाध्यक्ष), जीवरखान मराई(प्रदेश उपाध्यक्ष),सविता साय(महिलाप्रभाग अध्यक्ष), सुभाष परते (युवप्रभाग अध्यक्ष),सुमेर सिंग नाग(अध्य्क्ष गोंडवाना समन्वय समिति बस्तर संभाग ) ,महेश रावटे (संयुक्त सचिव) ने राज भवन रायपुर में राष्ट्रपति महोदय से भेंट किए।