बिलासपुर,69, साल के नितिन गडकरी ने केंद्रीय मंत्री के पद पर रहते हुए ये इच्छा जाहिर कि है कि नए लोगो को मौका मिलना चाहिए, राजनीतिक दृष्टि से ये केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का बड़ा बयान है,इसकर पहले मोहन भागवत ने रियाटमेंट को लेकर बयान दिया था लेकिन बाद में बदल गए। थे , पद में रहते हुए केवल रीट्यारमेंट की इच्छा जाहिर करना ये सामान्य बात नहीं है राजनीत को समझने वाले इसका पोस्टमार्टम कर रहे है , गडकरी ने क्या किसी की ओर इशारा किया है , या वाकई उनकी राजनीति खतरे मंगाई इसलिए ये बयान आया है, क्या टॉप फ्लोर पर कुछ ठीक नहीं चल रहा है , नितिन गडकरी ने आखिर किसको निशाने में लेकर रिटायरमेंट का बयान दिया है, खींच तान की स्थिति में दिया गया बायन भी विश्लेषक मानते है , नितिन गडकरी का ये बयान संघ और बीजेपी केबीच की दरार को भी दिखाता है, हालांकि नितिन गडकरी ने पद छोड़ने जैसी कोई बात नहीं की, लोग चर्चा ये कर रहे कि अगर गडकरी को पद छोड़ना नहीं है तो इस बयान का क्या मतलब, आखिर ठहरे हुए पानी में में गडकरी ने कंकर मारा क्यों। गडकरी ने रिटायरमेंट का कंकर किसकी ओर फेंका है,