देवेंद्र यादव की एसएलपी सुप्रीम कोर्ट से खारिज, प्रेम प्रकाश पांडे के खिलाफ लगाई थी याचिका, देवेंद्र यादव की ओर से विवेक तन्खा कर रहे थे पैरवी।

*सुप्रीम कोर्ट से भाजपा नेता प्रेम प्रकाश पांडेय को बड़ी राहत, कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव की SLP खारिज*

नई दिल्ली, 25 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ के भिलाई नगर विधानसभा क्षेत्र से जुड़े निर्वाचन विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने विधायक देवेंद्र यादव को झटका देते हुए उनकी विशेष अनुमति याचिका (SLP) खारिज कर दी है। सर्वोच्च न्यायालय ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, बिलासपुर के 30 जून 2026 के आदेश में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए याचिका खारिज की। मामले की सुनवाई भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने की।

यह मामला छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय द्वारा दायर निर्वाचन याचिका क्रमांक 9/2024 से जुड़ा है। पांडेय ने 65-भिलाई नगर विधानसभा क्षेत्र से देवेंद्र यादव के निर्वाचन को चुनौती दी है। याचिका में नामांकन शपथ-पत्र में आवश्यक सांविधिक जानकारी का समुचित प्रकटीकरण नहीं किए जाने सहित लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत भ्रष्ट आचरण से जुड़े आरोप लगाए गए हैं।

हाईकोर्ट के आदेश को दी थी चुनौती

निर्वाचित विधायक देवेंद्र यादव ने सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के आदेश XIV नियम 2 सहपठित धारा 151 के तहत आईए संख्या 18/2026 दाखिल कर मुद्दा संख्या 2 और 4 को प्रारंभिक मुद्दों के रूप में तय करने की मांग की थी। ये मुद्दे नामांकन शपथ-पत्र में सांविधिक जानकारी के प्रकटीकरण और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 83 के अनुपालन से संबंधित थे।

30 जून 2026 को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने यादव की इस मांग को खारिज कर दिया था। हाईकोर्ट ने माना था कि संबंधित मुद्दे तथ्य और कानून के मिश्रित प्रश्न हैं, इसलिए इनका निर्धारण पक्षकारों द्वारा साक्ष्य प्रस्तुत किए जाने के बाद नियमित ट्रायल में किया जाना उचित होगा।

हाईकोर्ट के इसी आदेश को चुनौती देते हुए देवेंद्र यादव ने सुप्रीम कोर्ट में SLP (Civil) No. 28778/2026 दाखिल की थी। सर्वोच्च न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद याचिका खारिज कर दी और हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं पाया।

निर्वाचन विवाद से जुड़ी दूसरी SLP भी खारिज

यह देवेंद्र यादव की निर्वाचन विवाद से जुड़ी दूसरी महत्वपूर्ण SLP है, जिसे सुप्रीम कोर्ट में सफलता नहीं मिली है। इससे पहले उन्होंने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट द्वारा आदेश VII नियम 11 CPC के तहत उनके आवेदन को खारिज किए जाने के आदेश को SLP (Civil) No. 6306/2025 के जरिए चुनौती दी थी। इस याचिका को भी सुप्रीम कोर्ट ने 24 फरवरी 2026 को खारिज कर दिया था।

दोनों पक्षों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने की पैरवी

सुप्रीम कोर्ट में विधायक देवेंद्र यादव की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एवं राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने पैरवी की। उनकी ओर से छत्तीसगढ़ के पूर्व स्टैंडिंग काउंसिल सुमीर सोढ़ी, अधिवक्ता-ऑन-रिकॉर्ड के माध्यम से SLP दायर की गई थी।

वहीं, प्रेम प्रकाश पांडेय की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विजय हंसारिया ने पैरवी की। उनकी ओर से बिलासपुर के अधिवक्ता-ऑन-रिकॉर्ड देवाशीष तिवारी ने मामले का प्रतिनिधित्व किया।

अब हाईकोर्ट में आगे बढ़ेगा निर्वाचन ट्रायल

सुप्रीम कोर्ट द्वारा SLP खारिज किए जाने के बाद निर्वाचन याचिका क्रमांक 9/2024 में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, बिलासपुर के समक्ष नियमित ट्रायल आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है। अब पक्षकार 21 अगस्त 2024 को तय किए गए सभी मुद्दों पर साक्ष्य प्रस्तुत करेंगे। इनमें वे मुद्दे भी शामिल हैं, जिन्हें देवेंद्र यादव ने प्रारंभिक स्तर पर तय किए जाने की मांग की थी।

फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद निर्वाचन विवाद का अंतिम फैसला नहीं हुआ है। अब मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में साक्ष्य और ट्रायल के चरण में आगे बढ़ेगी। लिखित आदेश उपलब्ध होने के बाद सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विस्तृत कारण स्पष्ट होंगे।

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