बिलासपुर, घोंघा नदी में एक ही परिवार के तीन बच्चे नदी में बह गए तीनो को रेस्क्यू कर निकला गया समडिल गांवरकी घटना ने सबकोट दुखी कर दिया एक ही घर के तीन मासूम की एक ही दिन में जान चले गई, पिछले दिन मस्तूरी में ऐसे ही पानी में दो मासूम की जान चले गई थोड़ी सी लापरवाही भारी पड़ रही है , कांग्रेस नेता आशीष सिंह दिल के कमजोर है ऐसे दर्द को नहीं झेल पाते लेकिन मामला एक परिवार के तीन बच्चों की जिंदगी जाने का था खुद को रोक नहीं पाए और भुनेश्वर जायसवाल के घर पहुंच गए पिता जिस तरह से आशीष सिंह से लिपटे और जो चीख एक पिता के मुंह से निकली उसने वहां खड़े सभी लोगों को अंदर से हिला दिया। काफी देर तक दुखी पिता आशीष सिंह से लिपटे रहे, खुद आशीष सिंह के पिता को ढाढ़स बताने शब्द नहीं सूझ रहे थे दोनों का पिता का रुदन आशीष सिंह को उनसे अलग नहीं होने दे रहा था दुख बेला ऐसे ही किसी अपने को लोग अपने पास चाहते। ऐसी स्थिति मे आशीष सिंह ने खड़े होने का साहस किया परिवार के दुख में तत्काल शामिल हुए संबल दिया परिवार का होने का अहसास दिलाया राजनीति से परे देखे तो यही जीवन है।