*सीएम हेल्पलाइन में शिकायत ; बिलासपुर के एस.एस. पब्लिक स्कूल का बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर, सीबीएसई के नाम पर चल रहा था गोरखधंधा; मान्यता रद्द करने की संस्तुति!*
सीएम हेल्पलाइन की सख्ती से खुला पोल: शिकायतकर्ता रंजेश सिंह द्वारा सीएम हेल्पलाइन 1076 पर की गई शिकायत (टोकन क्रमांक: 260700108628) के बाद शिक्षा विभाग की नींद टूटी और औचक निरीक्षण में स्कूल की एक-एक करतूत बेनकाब हो गई।
बोर्ड छत्तीसगढ़ का, ढिंढोरा सीबीएसई का: विद्यालय छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) से नर्सरी से 8वीं तक अंग्रेजी माध्यम के लिए संबद्ध है, लेकिन कलेक्टर के निर्देशों को ठेंगा दिखाकर मुख्य द्वार पर ‘सीबीएसई पैटर्न’ का बोर्ड टांगकर पालकों को लूटा जा रहा था।
स्कूल के भीतर खुली किताबों-यूनिफॉर्म की दुकान: शासन के नियमों को ताक पर रखकर स्कूल परिसर के भीतर ही अवैध रूप से बुक स्टोर चलाया जा रहा था, जहां निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें, कॉपियां और गणवेश बेचकर रसीदें दी जा रही थीं।
फर्जी किरायानामा और मैदान नदारद: स्कूल भवन समिति के चेयरमैन संजय सिंह खुद ही मकान मालिक हैं और खुद ही ट्रस्ट के चेयरमैन बनकर आवासीय सह व्यावसायिक भवन पर लीज का खेल खेल रहे हैं, जहां बच्चों के खेलने के लिए एक इंच का खेल मैदान तक नहीं है।
टी.सी. और फीस के नाम पर अंधेरगर्दी: टीसी देने के एवज में नियम विरुद्ध 1,000 रुपये वसूले जा रहे थे और हर साल प्रवेश शुल्क के नाम पर पालकों की जेब काटी जा रही थी।
शिकायत पर एक्शन लेते हुए बीईओ बिल्हा की संयुक्त जांच टीम ने विद्यालय का निरीक्षण किया। जांच में शिकायत पूरी तरह सही पाई गई और यह साबित हो गया कि स्कूल प्रबंधन मान्यता की सड़कों और फीस नियमों को ताक पर रखकर मनमानी कर रहा है।शिक्षा विभाग ने जांच और संभावित संभावित कार्रवाई को लेकर क्षेत्र के निजी स्कूलों के संचालकों में हड़कंप मच गया है।