बिलासपुर, जुलाई 2026/प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ वर्ष 2026 के लिए किसानों से 31 जुलाई 2026 तक अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा कराने की अपील की गई है। योजना का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं, प्रतिकूल मौसम, फसल कटाई के बाद होने वाली क्षति एवं अन्य अधिसूचित जोखिमों से किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।
जिले में खरीफ 2026 के लिए मक्का, धान (सिंचित एवं असिंचित) तथा अरहर (तुअर) को अधिसूचित फसलों में शामिल किया गया है। किसानों को बीमित राशि का केवल 2 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा, जबकि शेष राशि का वहन केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा किया जाएगा। प्रति हेक्टेयर किसान प्रीमियम मक्का के लिए 792 रूपए, धान (सिंचित) 1320 रूपए, धान (असिंचित) 946 रूपए तथा अरहर (तुअर) 770 रूपए निर्धारित किया गया है।
योजना के अंतर्गत अधिसूचित बुवाई न हो पाने, स्थानीय प्राकृतिक आपदाओं, उत्पादन में कमी तथा फसल कटाई के बाद निर्धारित अवधि में ओलावृष्टि, चक्रवात और बेमौसम वर्षा जैसी घटनाओं से हुई क्षति का भी प्रावधान है। स्थानीय आपदा अथवा फसल कटाई उपरांत नुकसान की स्थिति में किसानों को 72 घंटे के भीतर बैंक, लोक सेवा केंद्र, कृषि विभाग, राजस्व विभाग अथवा शिकायत निवारण हेल्पलाइन 14447 पर सूचना देना आवश्यक होगा। योजना का लाभ ऋणी एवं अऋणी दोनों प्रकार के किसान ले सकते हैं। आवेदन के लिए आधार कार्ड, भूमि संबंधी दस्तावेज, बैंक पासबुक, बोनी प्रमाण अथवा स्वघोषणा पत्र तथा मोबाइल नंबर सहित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। किसानों से आधार को बैंक खाते से अद्यतन एवं प्रमाणित कराने का भी आग्रह किया गया है।
उप संचालक कृषि ने जिले के किसानों से अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय पर फसल बीमा कराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान खरीफ मौसम में मौसम संबंधी जोखिमों को देखते हुए फसल बीमा किसानों के लिए सुरक्षा कवच का कार्य करेगा। किसान अपने निकटतम राष्ट्रीयकृत बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, जिला सहकारी बैंक, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति, लोक सेवा केंद्र अथवा अधिकृत बीमा माध्यमों के जरिए 31 जुलाई 2026 तक बीमा करा सकते हैं।