भाजपा नेता विष्णु यादव की जमीन कूट रचना कर बेच दी , जनदर्शन में शिकायत।

बिलासपुर ,मौजा चांटीडीह, प.ह.नं. 20/33 रा.नि.मं. सरकण्डा, तहसील व जिला बिलासपुर में स्थित खसरा नं. 381/7 रकबा 0.70 एकड़ भूमि को 0.77 एकड़ भूमि बनाकर कूटरचना कर भूमि को टुकड़ों में विभिन्न लोगों को बेचने वालों तथा सड़क के लिए छोड़ी गई भूमि के रकबे की भूमि को भी मेरी भूमि को दिखाकर बेचने वालों के खिलाफ कार्यवाही करने एवं रिकार्ड को सुधार किये जाने की शिकायत मैंने किया था, जिस पर पटवारी द्वारा जांच कर जांच रिपोर्ट तहसील कार्यालय में तहसीलदार  आकाश गुप्ता  के यहां लगभग 6-7 माह से पेंडिंग पड़ा हुआ था। जब मैंने देखा कि कार्यवाही आगे नहीं बढ़ रहा है तो मैंने कई बार स्वयं जाकर निवेदन किया तो मुझे बताया गया कि कोई भी अधिकारी के बाबू इसे लेने को तैयार नहीं है, क्योंकि शासन स्तर पर किसी को भी इसकी जवाबदारी तय नहीं की गई है। मुझे बताया गया कि एस.डी.एम.  के यहां से 3-4 बार वापस आ गया है। यह कहकर कि ये हम लोग नहीं ले सकते। तब मैंने एस.डी.एम. साहब के मोबाईल पर व्हाट्सअप में उन्हें वस्तु स्थिति की जानकारी दिया तो उन्होंने मेरे द्वारा व्हाट्सअप में भेजे गये निवेदन पत्र को संज्ञान में लेते हुये तहसीलदार आकाश गुप्ता  से बात कर फाईल अपने ऑफिस के बिंझवार बाबू को फाईल लेने के लिये निर्देशित किया। फाईल बिंझवार बाबू के टेबल में महुंचने के कुछ दिन बाद फिर से यह लिखकर वापस कर दिया गया कि स्पष्ट अभिमत नहीं होने से फाईल वापस की जाती है। फाईल जब वापस भेजी गई तब तक तहसीलदार आकाश गुप्ता जी का प.ह.नं. 33 चांटीडीह का प्रभार तहसीलदार  समर्थ थवाईतजी के पास आ गया था। तो अभी फाईल उनके यहां आ गया है, अभी फाईल थवाईत  के टेबल पर है। मैं लगातार एस.डी.एम. साहब एवं तहसीलदार समर्थ थवाईत से सम्पर्क कर रहा हूं। एस.डी.एम.  ने भी थवाईत  को स्पष्ट अभिमत के साथ जल्द फाईल भेजने के लिये मेरे सामने बोल चुके हैं, लेकिन अभी तक फाईल एस.डी.एम.  के ऑफिस में नहीं पहुंचा है। थवाईत साहब जी से मिलने पर वो भी यही कहते हैं कि आगे की कार्यवाही कर रहा हूं। पर शायद व्यस्तता के कारण नहीं कर पा रहे हैं।

 कूटरचना कर लाभ लेने वालों तथा प्लाटिंग करने ही टुकड़ों में विक्रेता से खरीदने वाले विभिन्न लोगों के आने-जाने के लिये छोड़ी गई सड़क की भूमि के रकबे को भी मेरी भूमि को दिखाकर बिठाकर षड़यंत्र पूर्वक बेचने वालों के खिलाफ कार्यवाही करते हुये रिकार्ड को सुधारने की कार्यवाही को आगे बढ़ाने की सख्त जरूरत है। क्योंकि विक्रेता द्वारा जिस भूमि को रकबे से अधिक भूमि को अपना भूमि बताकर राजकुमारी पाण्डेय एवं पूजा कछवाहा को बेची गई है। वह भूमि मेरी भूमि है, मेरी भूमि राजकुमारी पाण्डेय ने यह जानते हुये कि यह भूमि अशोक मौर्य की भूमि नहीं है, बल्कि द्वारिका धूरी की भूमि है, फिर भी उसने षड़यंत्र कर औने-पौने दाम पर उससे खरीदा। जबकि उसका पुराना मकान है, जिसे वह 1990 के करीब खरीदा था, उरामें स्पष्ट रूप से लिखा है कि उत्तर दिशा में द्वारिका घूरी की भूमि है, जिसका रजिस्ट्री का दस्तावेज मैंने आवेदन में लगाया हुआ है। इसी भूमि पर राजकुमारी पाण्डेय द्वारा दिनांक 17.04.2026 को समय और छुट्टी के दिन का फायदा उठाकर आनन-फानन में बाउण्ड्रीवॉल एवं शेड का निर्माण कर दिया गया, जिसकी शिकायत मैंने जोन क्रमांक 07 के कार्यालय नगर निगम में किया है। कागज अशोक मौर्य का जमीन / भूमि हमारा है, जिसमें विक्रेता एवं क्रेता द्वारा मिलीभगत कर मेरी भूमि पर चौहद्दी बनाकर रजिस्ट्री करा लिये। दिनांक 17.04.2026 के पहले जमीन खाली ही पड़ी थी। जब हम लोग रजिस्ट्री पश्चात् गिट्टी पटवाने लगे तब यह सब पता चला। जब राजस्व दस्तावेजों की जानकारी लिये तब कूटरचना और षड्यंत्र कर मेरी भूमि को राजकुमारी एवं शंकर लाल को विक्रय करने की जानकारी मिली। बाद में शंकर लाल की भूमि को पूजा कछवाहा ने खरीदा है। कूटरचित रकबे एवं सड़क के रकबे का उपयोग करते हुये मेरी भूमि में चौहद्दी बनाकर विक्रय कर दिया गया। जिसके कारण मेरा रकबा लगभग मौके में 0.14 एकड़ कम हो रहा है।

 कूटरचना और षड़यंत्र करते हुए मेरी भूमि को दिखाकर बेचने वाले तथा 0.70 एकड़ को 0.77 एकड़ बनाकर सड़क के लिये छोड़ी गई भूमि के रकबे को बेचने वालों के खिलाफ कार्यवाही करते हुये राजस्व रिकार्ड को सुधार करे

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