बिलासपुर, बिलासपुर का कुछ सबसे खराब है तो नमक जो नहीं लगता, चार बार अविभाजित छत्तीसगढ़ में मंत्री रहे बी आर यादव की जयंती पर इक्का, दुक्का कांग्रेसी पहुंचे बाकी गायब रहे यहां तक उनके बनाए नेता विधायक भी गायब रहे , चार कदम की दूरी में रहने वाले कांग्रेसी भी नहीं पहुंचे, छत्तीसगढ़िया नेता को गैर छत्तीसगढ़ियों ने इस्तेमाल किया अपना भविष्य बनाया और निकल गए, आज बड़े नेता विधायक और पैसे वाले बन गए तो नमक का हक तक अदा करने में शर्म महसूस हो रही है है , ख़ैर ये आज की संस्कृति और सभ्यता बन गई है, नेताओ की परिक्रम में रहने वाले कांग्रेसी अपने पुराने राजनीतिक गुरु को भूल गए, गैर छत्तीसगढ़ियों ने एक छत्तीसगढ़िया नेता का अपमान किया उनके समाज के लोग भी नहीं आए जबकि भाजपा विद्यायक सुशांत शुक्ला ने पहुंच करे अपनी श्रद्धांजलि दी और कहा कि एक छत्तीसगढ़िया ऐसा नेता चला गया जो जातपात से ऊपर था आज हम सब याद कर रहे उनकी प्रतिमा पर श्रद्धांजलि दे रहे है ये उसका उदाहरण है। बी आर यादव ने एक अच्छा बिलासपुर बनाया विस्तार किया, पैसे कमाने की होड़ से दूर रहे बी आर यादव हमेशा प्रासंगिक रहेंगे, ब्लेकांग्रेसियो के आँख का पानी मर जाये। अभी के नेता तो केवल अपने रिश्तेदार, समाज के लोगों को बढ़ा रहे है लेकिन बी आर यादव ने ऐसा नहीं किया, बिलासपुर छत्तीसगढ़ के गांधी की तरह बी आर यादव ने काम किया और कांग्रेसीयो ने उनका काम कर दिया।

