
लूट की वारदात का खुलासा, तीन आरोपी एवं एक विधि से संघर्षरत बालक पकड़े गए
लूटा गया मोबाइल एवं नगदी बरामद, आरोपियों को भेजा गया न्यायिक अभिरक्षा में
बिलासपुर पुलिस द्वारा संपत्ति संबंधी अपराधों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में थाना कोनी पुलिस एवं एसीसीयू की संयुक्त टीम ने लूट की एक गंभीर वारदात का सफल खुलासा करते हुए तीन आरोपियों तथा एक विधि से संघर्षरत बालक को अभिरक्षा में लिया है।
बिलासपुर प्रार्थी हरमेन्द्र साहू, पिता लेधाम साहू, उम्र 36 वर्ष, निवासी ग्राम कामनबोड़, तहसील साहसपुर लोहारा, जिला कबीरधाम द्वारा थाना कोनी में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि वह बिलासपुर क्षेत्र में धान कटाई के लिए हार्वेस्टर मशीन चलाने आया था। दिनांक 27.05.2026 की रात्रि हार्वेस्टर मशीन खराब हो जाने के कारण वह ग्राम रमतला स्थित खेत में मशीन सुधारने का प्रयास कर रहा था।
रात्रि में भोजन लेने के लिए वह अपनी मोटरसाइकिल क्रमांक CG-09-JB-2289 से ढाबे की ओर जा रहा था। दिनांक 28.05.2026 को रात्रि लगभग 12:30 बजे मोपका बायपास मोड़ के पास ग्राम सेंदरी में चार अज्ञात युवक काले रंग की पल्सर मोटरसाइकिल पर सवार मिले। आरोपियों ने उसे रोकने का प्रयास किया तथा नहीं रुकने पर लात मारकर मोटरसाइकिल सहित गिरा दिया। इसके बाद हाथ, मुक्के एवं बेल्ट से मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी देकर उसकी जेब में रखे ₹10,000 नगद एवं लगभग ₹10,000 कीमत का पोको कंपनी का मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए।
प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना कोनी में अपराध क्रमांक 266/2026 धारा 309(4), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज का किया गया विश्लेषण
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह के निर्देश पर आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु विशेष टीम गठित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज पटेल एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री गगन कुमार के मार्गदर्शन में थाना कोनी पुलिस एवं एसीसीयू की संयुक्त टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर सूचना एवं 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का सूक्ष्म विश्लेषण किया गया।
जांच के दौरान संदेहियों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।छताछ में आरोपियों ने अपने शौक एवं घूमने-फिरने के खर्च पूरे करने के लिए लूट की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया।
गिरफ्तार आरोपी
1. अनिकेत पटेल, पिता अंजोरी लाल पटेल, उम्र 19 वर्ष, निवासी ग्राम मुढ़ी, थाना कोनी, जिला बिलासपुर।
2. जयप्रकाश पटेल, पिता पूनाराम पटेल, उम्र 19 वर्ष, निवासी ग्राम मुढ़ी, थाना कोनी, जिला बिलासपुर।
3. जयप्रकाश यादव, पिता द्वारिका यादव, उम्र 19 वर्ष, निवासी ग्राम मुढ़ी, थाना कोनी, जिला बिलासपुर।
4. एक विधि से संघर्षरत बालक (उम्र 16 वर्ष)।
जप्त मशरूका
• लूट की राशि में से ₹1,800 नगद
• पोको कंपनी का लूटा गया मोबाइल फोन
आरोपियों के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। विधि से संघर्षरत बालक के संबंध में किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है।
बिलासपुर पुलिस
▪️ समंस, वारंट तामिली एवं फरार आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु जिले भर में व्यापक विशेष अभियान संचालित
▪️ 201 वारंटों एवं 163 समंसों की तामिली कर न्यायालयीन आदेशों का प्रभावी पालन सुनिश्चित
▪️ 21 लंबे समय से फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर वैधानिक कार्यवाही की गई
▪️ 104 निगरानी गुंडा/बदमाशों की चेकिंग कर गतिविधियों का सत्यापन किया गया
मुख्य बिंदु :
▪️ गिरफ्तारी वारंट – 77
▪️ जमानती वारंट – 85
▪️ *स्थाई वारंट* – 39
▪️ समंस तामील – 163
▪️ फरार आरोपी गिरफ्तार – 21
▪️ निगरानी गुंडा/बदमाश चेकिंग – 104
▪️ कुल कार्यवाही – 489
पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जिला बिलासपुर के निर्देशन में जिले में लंबित समंस एवं वारंटों की तामिली, लंबे समय से फरार आरोपियों की गिरफ्तारी तथा निगरानी गुंडा-बदमाशों के सत्यापन हेतु एक व्यापक एवं योजनाबद्ध विशेष अभियान संचालित किया गया। अभियान के अंतर्गत समस्त थाना क्षेत्रों में विशेष टीमों का गठन कर न्यायालयों से जारी लंबित वारंटों एवं समंसों की तामिली की गई तथा फरार आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई।
अभियान के दौरान कुल 77 गिरफ्तारी वारंट, 85 जमानती वारंट एवं 39 स्थाई वारंट सहित कुल 201 वारंटों की तामिली सुनिश्चित की गई। इसके अतिरिक्त 163 समंसों की तामिली की गई। विभिन्न प्रकरणों में लंबे समय से फरार चल रहे 21 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही की गई।
साथ ही 104 निगरानी गुंडा एवं बदमाशों की चेकिंग कर उनकी वर्तमान गतिविधियों का सत्यापन किया गया तथा आवश्यक समझाइश एवं वैधानिक निर्देश दिए गए। अभियान के दौरान कुल 489 कार्यवाहियां संपादित की गईं।
उक्त कार्यवाही से न्यायालयीन आदेशों के पालन की प्रभावशीलता में वृद्धि हुई है तथा जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने में सहायता मिली है। बिलासपुर पुलिस द्वारा इस प्रकार की विशेष कार्यवाही निरंतर जारी रखी जाएगी।
