
बिलासपुर 15 मई 2026। केंद्र सरकार के द्वारा तय समर्थन मूल्य में मात्र 72 रू. की वृद्धि अपर्याप्त है। जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष किसान नेता प्रमोद नायक ने कहा कि पिछले साल धान के एमएसपी में भी मात्र 69 रु. वृद्धि हुई थी, इस वर्ष जो बढ़ोतरी हुई है वह वर्तमान मूल्य में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी है, जबकि महंगाई वृद्धि दर लगभग 8 प्रतिशत। 2022 तक किसानों की आय दुगुनी करने और सी 2 फार्मूले से लागत पर 50 प्रतिशत लाभ देने का वादा करके सत्ता में आई मोदी सरकार ने एक बार फिर किसानों को धोखा दिया है। इस बार खरीफ़ सीजन 2026-27 के लिए मंजूर किए गए एमएसपी की घोषणा के अनुसार धान पर कुल वृद्धि 3 प्रतिशत मात्र है
प्रमोद नायक नेकहा कि भाजपा ने राज्य के विधानसभा चुनाव में किसानों से वादा किया था कि धान की कीमत 3100 रु. देंगे। राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद 2023 से लेकर अभी तक धान के समर्थन मूल्य में प्रतिवर्ष जो बढ़ोतरी हुई वह 117 रु. + 69 रु. + इस वर्ष के 72 रु. कुल = 258 रु., अतः सरकार घोषित करें किसानों को धान की इस वर्ष 3100 + 258 = 3358 रु. में खरीदी की जायेगी। साय सरकार पिछले दो वर्ष से जो समर्थन मूल्य की बढ़ोतरी हुई है उसको 3100 में जोड़कर 3358 रु. प्रतिक्विंटल की दर से किसानों को नहीं दे रही, इससे किसानों को बढ़े समर्थन मूल्य का फायदा नहीं मिल रहा, केंद्र जो समर्थन मूल्य बढ़ा रहा उसको राज्य सरकार डकार जा रही, यह किसानों से धोखा है प्रमोद नायक पूर्व अध्यक्ष जिला सहकारी बैंक एवं किसान नेता
