
कामधेनु विश्वविद्यालय में भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी विकलांग पद भरे बिना नए विज्ञापन जारी आरक्षण पोस्ट में अनियमित की शिकायत आदिम जाति कल्याण मंत्री रामविचार नेताम से की गई
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज बिलासपुर ने छत्तीसगढ़ दाऊ वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय की भर्ती प्रक्रिया को लेकर आपत्ति जताते हुए संबंधित विभाग के लिये पत्र लिखकर आदिम जाती कल्याण मंत्री रामविचार नेताम को सर्व आदिवासी समाज के प्रदेश अध्यक्ष युवा प्रभाग सुभाष सिंह परते ने ग्यापन सौंपकर जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय में जारी कुछ पदों की भर्ती प्रक्रिया में नियमों के पालन और पारदर्शिता को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
छत्तीसगढ सर्व आदिवासी समाज के द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ कामधेनु विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न पदों के लिए पूर्व में वर्ष 2019, 2023 और 2025 में विज्ञापन एवं आदेश जारी किए गए थे। इन आदेशों के आधार पर चयन प्रक्रिया संचालित की जा रही है, लेकिन इसमें कई बिंदुओं पर स्पष्टता नहीं है। संगठन ने विश्वविद्यालय के भर्ती नियमों और Chhattisgarh Kamdhenu Vishwavidyalaya Service Regulations for Recruitment and Upgradation of Teachers/Equivalent Cadre and Administrative Posts-2013 का हवाला देते हुए निष्पक्ष प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग की है। और इस भर्ती में बैकलॉग पद का कोई उल्लेख नहीं किया गया है पिया आरक्षित वर्ग को के हितों के साथ कुठाराघात है
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि चयन प्रक्रिया में यदि किसी अधिकारी या संबंधित व्यक्ति का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष हित जुड़ा हुआ है तो यह कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट की स्थिति बन सकती है, जिससे भर्ती की निष्पक्षता पर सवाल उठ सकते हैं। ऐसे मामलों में शासन के नियमों के अनुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए। सर्व आदिवासी समाज ने मांग की है कि विश्वविद्यालय की भर्ती प्रक्रिया की संपूर्ण समीक्षा कर यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर मिले और नियमों का पूर्ण रूप से पालन किया जाए। साथ ही यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो उसे निरस्त कर नई भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से शुरू की जाए।
