
बिलासपुर ,गौरेला, जिला-जी.पी.एम. निवासी विनय कुमार त्रिपाठी जिला-कोरिया में सहायक संचालक (Assistant Director) उद्यान के पद पर पदस्थ हैं। दिनांक 30 जून 2025 को सचिव कृषि विकास एवं कल्याण विभाग, रायपुर द्वारा आवेदक का स्थानांतरण जिला कबीरधाम कर दिया गया था परन्तु संचालक, उद्यान विभाग एवं कलेक्टर कोरिया द्वारा आवेदक को लगातार 06 (छः) माह तक स्थानांतरित स्थल जिला कबीरधाम के लिए रिल्हीव ना किये जाने से क्षुब्ध होकर सहायक संचालक (Assistant Director) उद्यान विनय कुमार त्रिपाठी द्वारा हाईकोर्ट अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं वर्षा शर्मा के माध्यम से हाईकोर्ट बिलासपुर के समक्ष रिट याचिका दायर की गई। अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं वर्षा शर्मा द्वारा हाईकोर्ट के समक्ष यह तर्क प्रस्तुत किया गया कि पूर्व में माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित अनेक न्यायदृष्टांत इसके साथ ही उच्च न्यायालय, बिलासपुर द्वारा मिस मनीषा अग्रवाल विरूद्ध छत्तीसगढ़ शासन एवं अन्य 2015 (4) सी.जी.एल.जे. 182. में यह सिद्वान्त प्रतिपादित किया गया है कि यदि किसी शासकीय अधिकारी / कर्मचारी का एक स्थान से दूसरे स्थान के लिये स्थानांतरण किया गया है एवं हाईकोर्ट बिलासपुर के समक्ष रिट याचिका दायर करने के पूर्व उक्त स्थानांतरण आदेश निरस्त, संशोधित नहीं किया गया है ऐसी स्थिति में उक्त शासकीय अधिकारी / कर्मचारी स्थानांतरित स्थल पर ज्वाईनिंग का पात्र है। उक्त मामले में सुनवाई के दौरान शासकीय अधिवक्ता द्वारा यह तर्क प्रस्तुत किया गया कि याचिकाकर्ता के विरूद्ध जारी स्थानांतरण आदेश आज दिनांक तक निरस्त या संशोधित नहीं किया गया है। उच्च न्यायालय, बिलासपुर द्वारा उक्त रिट याचिका की अंतिम सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित न्याय दृष्टांत एवं उच्च न्यायालय, बिलासपुर द्वारा मिस मनीषा अग्रवाल में पारित न्यायदृष्टांत के आधार पर याचिकाकर्ता को तत्काल स्थानांतरित स्थल, जिला-कबीरधाम के लिए रिल्हीव करने का आदेश दिया गया।
