
बिलासपुर भूमि स्वामी सुकांत विश्वकर्मा के द्वारा मेरे से अनुबध भूमि को प्रतिफल राशि प्राप्त करने के बाद भी मेरे पक्ष में पंजीयन निष्पादित नहीं करने के संबंध में कठोर कार्यवाही किया जाकर अपराध पंजीबध्द करने की मांग की है
मनोज सिंह ठाकुर, पिता गोपाल सिंह ठाकुर उम्र- 36 वर्ष, निवासी- सांई नगर, उस्लापुर, तहसील सकरी जिला बिलासपुर छ०ग० एवं मेरे भागीदार विरेन्द्र सिंह परिहार, पिता प्रदीप सिंह परिहार उम्र 39 वर्ष, निवासी-यमुना नगर, मंगला, तहसील व जिला बिलासपुर छ०ग० के द्वारा मौजा सकरी, महल नंबर 01, प०ह०नं0 45, रा०नि०मं० व तहसील सकरी जिला बिलासपुर छ०ग० स्थित भूमि खसरा नंबर 290/40, 290/41 एवं शामिल खसरा नंबर 290/123 कुल रकबा 52 डिसमिल भूमि को इकरारनामा दिनांक 24.01.2025 को नोटरी से निष्पादित करते हुए दो गवाहों के समक्ष में कुल कीमत 55,00,000/-रू० में कय करने का पक्का सौदा करते हुए बतौर अग्रिम राशि सुकांत विश्वकर्मा को 20,00,000/-रू० इकरारनामा दिनांक को प्राप्त कर एवं शेष राशि में से 10,00,000/-रू० दिनांक 07.02.2025 को केता द्वारा विकेता को प्रदान कर आधे भूमि की मुख्तियारआम निष्पादित किया गया जिसके तहत उक्त खसरा नंबर की भूमि में से 26 डिसमिल को पंजीयन हमारे पक्ष में निष्पादित किया गया।
10.03.2025 को आर टी जी एस के माध्यम से विक्रेता के बचत खाते पर 4,00,000/-रू0 की राशि और प्रदान की गयी तत्पश्चात् दिनांक 20.03.2025 को सुकांत
विश्वकर्मा को हमारे द्वारा दो चेक के माध्यम से 4,50,000/- रू० एवं 4,54,000/- रू० के माध्यम से प्रदान किया गया इसके उपरांत दिनांक 27.05.2025 को हमारे द्वारा सुकांत विश्वकर्मा को 5,00,000/-रू० के आर टी जी एस एवं 5,00,000/-रू० चेक के माध्यम से एवं 20.000/- रू० नगद इस प्रकार कुल राशि हमारे द्वारा सुकांत विश्वकर्मा को 55,00,000/-रू0 में से 53,24,000/-रू0 की रकम प्राप्त कर लिया है उसके बावजूद मात्र 28 डिसमिल भूमि का पंजीयन निष्पादित किया गया है एवं 24 डिसमिल भूमि की रजिस्ट्री वर्तमान दिनांक तक हिला हवाला किया जाकर तक पंजीयन निष्पादित नहीं किया गया है।
हमें आशंका है कि बचत जमीन पर सुकांत विश्वकर्मा द्वारा अधिक मूल्य के लालच वश मोहम्मद आदिल यदुनंदन नगर निवासी के पास इकरारनामा निष्पादित किया हो सकता है जो कि उक्त भूमि को पंजीयन निष्पादित कर सकता है जिससे हमें अपूर्णिय क्षति होगी, जिसकी जाँच किया जाकर हमारे पक्ष में पंजीयन निष्पादित किये जाने हेतु सुकांत विश्वकर्मा के उपर कार्यवाही किया जाना विधि संगत होगा अन्यथा जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती, जिस कारण सुकांत विश्वकर्मा को हमारे पक्ष में उक्त सौदे राशि के पेटे पंजीयन निष्पादित करवाये जाने हेतु निर्देशित किया जाना न्यायोंचित होगा।
