
“आधारशिला विद्या मंदिर सैनिक स्कूल में STEM आधारित सी.वी. रमन इंस्टिट्यूट बंगलौर द्वारा कार्याशाला का आयोजन
“थिंक टैक संगठन के सानिध्य में एवीएम सैनिक स्कूल में कार्यशाला सम्पन्न हुआ”
आधारशिला विद्या मंदिर न्यू सैनिक स्कूल में शिक्षकों की गुणवत्ता बढ़ाने, शिक्षण कौशल विकसित करने और अध्यापन में निपुण बनाने हेतु विज्ञान और गणित कार्यशाला का आयोजन किया गया । इस कार्यशाला के माध्यम से शिक्षाकों में विज्ञान शिक्षण में दिलचस्पी पैदा करना और गणित शिक्षकों को यह बताना कि गणित को समझाने और सीखाने के लिए एक सहयोगी और व्यावहारिक वातावरण प्रदान करना चाहिए ।
यह कार्यशाला प्रसिद्ध संस्था सी.वी. रमन इंस्टिट्यूट बंगलौर के अनुभवी शिक्षक श्री अनन्य रंजन सर के सानिध्य में सम्पन्न हुआ । इस कार्यक्रम का उद्देश्य व्यावहारिक गतिविधियों, इंटरैक्टिव चर्चाओं और विज्ञान और गणित विषयों में वैचारिक स्पष्टता के माध्यम से शिक्षकों के बीच अनुभवात्मक शिक्षण और सीखने को बढ़ाना था।
श्री रंजन सर एक प्रतिष्ठित संगठन थिंक टैक से सम्बन्ध रखते है। यह संगठन स्पर्श विज्ञान और अनुभवात्मक साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथमेटिक्स (STEM) शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है।
रंजन ने प्रतिभागी शिक्षकों को विभिन्न अभिनव गतिविधियों में शामिल किया, जिसमें वैज्ञानिक अवधारणाओं को व्यावहारिक अनुप्रयोगों के साथ एकीकृत किया गया। मॉडल के माध्यम से मौलिक भौतिकी की खोज से लेकर रचनात्मक कार्यों के माध्यम से गणितीय पैटर्न को समझने तक, कार्यशाला ने एक जीवंत और इंटरैक्टिव सीखने का माहौल बनाया।
शिक्षकों ने सत्र में सक्रिय रूप से भाग लिया और व्यावहारिक दृष्टिकोण की सराहना की जिसने महत्वपूर्ण सोच, सहयोग और शैक्षणिक विषयों के साथ वास्तविक जीवन के जुड़ाव को बढ़ावा दिया। रंजन सर ने बेहतर वैचारिक समझ के लिए कक्षाओं में गतिविधि- आधारित शिक्षण विधियों को शामिल करने पर अंतर्दृष्टि भी साझा की।
विद्यालय के चेयरमैन डॉ. अजय श्रीवास्तव ने बताया कि यह कार्यशाला विद्यालय में विज्ञान और गणित विषय के शिक्षण की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं शिक्षकों के शैक्षिक दृष्टिकोण को सशक्त करती हैं और छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए प्रेरित करती हैं।
इस अवसर पर शिक्षाविद रॉबिन पुष्प का पूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ इन्होंने मैथ्स विषय को रोचक बनाने के लिए शिक्षकों को कई गतिविधियां सिखाई।
विद्यालय के निदेशक एस.के. जनस्वामी ने कार्यशाला के आयोजन को एक दूरदर्शी पहल बताया। उन्होंने STEM शिक्षा को भविष्य की आवश्यकता बताते हुए कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं नवाचार और रचनात्मकता के बीज बोने का कार्य करती हैं।
प्राचार्या श्रीमती जी.आर. मधुलिका ने अपने वक्तव्य में कहा कि शिक्षकों के लिए ऐसी कार्यशालाएं अत्यंत उपयोगी हैं क्योंकि यह उन्हें आधुनिक पद्धतियों से अवगत कराती हैं और शिक्षण को बच्चों के लिए अधिक रुचिकर बनाती हैं। उन्होंने रंजन सर और थिंक टैक टीम का आभार प्रकट करते हुए कहा कि विद्यालय भविष्य में भी ऐसी शैक्षिक पहल करता रहेगा।
इस कार्यशाला में गुरदिश कौर, प्रिया गोरख, प्रीतम यादव, तेजएश्वर्, पूजा पाल, अनीता मिंज, युवराज आदि शिक्षक उपस्थित रह कर लाभ उठाया।
