
बिलासपुर, तखतपुर नगर पालिका 13महीने भाजपा से लोगो का मोह भंग हो गया पुराने कार्यकर्ताओं उपेक्षा से कार्यकर्ता नाराज हों गए संगठन ने भी कार्यकर्ता की नहीं सुनी नतीजा अध्यक्ष समेत। नौ पार्षद भाजपा हार गई कांग्रेस ने इन सीटों पर वापस कब्जा जमा लिया, जिले में तखतपुर ऐसा है जहां भाजपा की करारी हार हुई संगठन ने यहां अपनी गलती नहीं सुधारी तो परिणाम आने वाले समय में और बुरी होगी, कांग्रेस के आशीष सिंह ने केवल लोगो से से यही बोला भय , आतंक और भ्रष्ट्राचार के खिलाफ वोट दीजिए अपने सम्मान के लिए वोट दीजिए और लोगो ने इसी बात पर मुहर लगा दी यानि तखतपुर में ऐसी स्थिति है, स्थानीय चुनाव में पुराने कार्यकर्ताओं को पूछा नहीं गया उनसे मिले नहीं संगठन से इसकी शिकायत हुई है, भाजपा के पुराने कार्यकर्ता जो अवसरवादी नहीं है उनकी पीड़ा इस चुनाव में साफ़ दिखी और नतीजा सामने है , भाजपा के दो मंडल अध्यक्ष भाजपा की लहर में अपनी और पार्टी की इज्जत नहीं बचा सके इसका मतलब साफ़ है भाजपा के कार्यकर्ता भी नाराज है, 13महीने विधानसभा जितने वाली भाजपा अब हाशिए पर है, कहा गया कार्यकर्ता का उत्साह, किस्से नाराज है , और क्यों नाराज है , दस नगर निगम जितने वाली भाजपा नगर पालिका हार गई , पार्टी को इस पर विचार करना चाहिए गलत निर्णय को सुधारना होगा भाजपा को यहां सात हजार वोटो का नुकसान हुआ है, जिसको बीजेपी ने प्रत्याशी था वो भी एक कारण रहा कांग्रेस के समर्थन से उपाध्यक्ष रही वंदना बाला को शायद पार्टी के जमीनी कार्यकर्ता ने स्वीकार नहीं किया परिणाम स्वरूप अध्यक्ष पद कांग्रेस की झोली चले गई कार्यकर्ताओं का मानना है कि पार्टी ने अच्छे से विचार नहीं किया प्रत्याशी का बैकग्राउंड नहीं जाना जिसकी वजह से नुकसान हुआ है।
