
बिलासपुर, छत्तीसगढ में दक्षिण ,यूपी,बिहार , झारखंड, की तरह लोग क्षेत्रीय पार्टी की बात तो करते है लेकिन कर नहि पा रहे है वैसे सब एक मजबूत कंधे में सवार की तलाश कर रहे जो अच्छे तरीके से क्षेत्रीय पार्टी का संचालन कर सके सबसे बड़ी समस्या नई क्षेत्री पार्टी के लिए फंड की है ऐसे कई लोग है जो क्षेत्री पार्टी बनाना चाहते है लेकिन फंड के आगे आगे नहीं बढ़ा पा रहे है , कई नेता भी इस बारे में विचार कर चुके है लेकिन फंड के कारण नहि कर पा रहे है , कांग्रेस बीजेपी दोनो के निर्णय दिल्ली से होते है, अमीर धरती के लोग गरीब है छत्तीसगढ का पैसा बाहरी लोगो के पास जा रहा है,ये सब बात की चर्चा छत्तीसगढ का हर नेता करता है लेकिन फिर भी नई पार्टी बनाने की हिम्मत नही कर पा रहा है, , जोगी ने हिम्मत लिए सफल भी हुए पहली बार में पांच सीट जीत करजोगी के क्षेत्री पार्टी का वजन बताया भी लेकिन जोगी के नक्शे कदम पर कोई चल नहि पा रहा है, जबकि यूपी बिहार , झारखंड, दक्षिण सहित अन्य राज्य में क्षेत्री पार्टी काफी पवारफूल है राष्ट्रीय स्तर पर निर्णय ले रही है।
