जनता के सब्र का ना करों इंतजार !!
बिलासपुर शहर ही नहीं समूची छत्तीसगढ़ में हाल बेहाल है दो-चार बूंद पानी क्या गिरता है जरा सा हवा क्या चलती है लाइट तुरंत घंटा घंटा गायब हो जाती हैं यह मेंटेनेंस क्या है जी समझ में नहीं आता की मेंटेनेंस होता क्या है असली चेहरा सामने आया बिजली विभाग का हर तीन माह में होने वाला मेंटेनेंस चंद बूँदें ही उनकी पोल खोल देती हैं, जिस हवा के चलने से मामबत्तियां नहीं बुझती उसे हवा के झोंके से लाइट गोल हो जाती है!
निरंतर बढ़ता बिजली का दाम स्मार्ट मीटर के नाम पर मिलने वाली सुविधाओं का समापन उसके बावजूद व्यवस्था पूर्णता फेल कहीं विद्युत कंपनी को प्राइवेट कारण करने की कोई साजिश तो नहीं उपभोक्ता को इतना परेशान करो कि वह प्राइवेट कंपनियों का उपभोक्ता बन जाए जिस तरीके से बीएसएनल को छोड़कर लोग प्राइवेट कंपनियों का फोन इस्तेमाल करने लगे और आज उनके गुलाम बन बैठे हैं महीने का 30 दिन 28 दिन में परिवर्तित हो गया है उसके बावजूद उपभोक्ता चू से चा नहीं कर रहा है उसकी दैनिक स्थिति एवं परस्ती को विद्युत कंपनियां भी समझ रही है पूर्णता विद्युत व्यवस्था का ठप्प होना प्राइवेट कारण के बढ़ते कदम की ओर इशारा है सरकार का! महेश दूबे “टाटा महाराज” पूर्व सदस्य अरपा बेसिन विकास प्राधिकरण सचिव छत्तीसगढ प्रदेश कांग्रेस कमेटी
