बिलासपुर, आप शरीर के चौकीदार है उसके मालिक नही डॉक्टर केवल एक रास्ता बताता है कुछ दवा देता लेकिन ठीक आपको अपनी इच्छा शक्ति से होना है, मरीज कई बार मानसिक रूप अपनी समस्याओं के कारण बीमार होता है , जीवन शिवलिंग के समान है जो सिंपल हैलेकिन हमने बाहरी आवरण से अपने आप को जटिल बना लिया है, जीवन की छोटे मोटे लाभ हानी से दुखी होकर अपने आप को परेशान नहीं करना है, जन्हा असफलता है हो सकता है उसके आगे आपके लिए सफलता हो , स्वास्थ को लेकर थोड़ा सजग रहने की जरूरत हर चीज का इलाज दवा से नही कुछ वातावरण में होता , हर काम की एक प्रक्रिया है उसको समझना होगा , किसी की मदद करके देखिए वो भी दवा का काम करेगी, राष्ट्रपति अब्दुल कलाम का एक किस्सा सुनाया की वो पायलट बनने गए थे लेकिन फेल हो गए और बाद में देश के मिसाइलमैन बने , साहित्यकार ब्रजेश सिंह ने दो तीन मुक्तक सुना कर माहौल को रसमय करने की कोशिश की, अनिल टाह ने कार्यक्रम की शुरवात की, डॉ श्रीवस्ताव ने पुरानी यादों को पूराने फिल्मी गानों से तालिया बटोर ली छोटी सी विचार गोष्ठी में सभी ने नए साल में सकारात्मक पहलुओं को छूने और जीने और जोर दिया,इस गोष्ठी में हाईकोर्ट के रिटायर जस्टिस आर सी सामंत,पत्रकार सतीश जयसवाल, पियूष गुप्ता, पेंड्रावाला, सचिन तिवारी सहित प्रबुद्ध वर्ग उपास्थित थे।

