बिलासपुर, भाजपा मंत्री मंडल की एक सूचि प्रदेश प्रभारी और अध्यक्ष ने दिल्ली भेजी थीं लेकिन दिल्ली से एक नई सूचि भेज दी गई , इस सूचि में तीन पुराने और बाकी सात नए चेहरे पर सहमती बनी है, भाजपा नए चेहरे के साथ की साथ मंत्री मंडल बना रही है , इसमें महिला भीं शामिल है, भाजपा ने जबरदस्त रणनीति अपनाई, पहले पूराने लोगो को भीतरघात के डर से टिकट दिया पूराने जीत गए नए भीं जीत गए अब मंत्री मंडल में नए नेताओं की जगह दी जा रहीं है, पुराने नेता इस उम्मीद में है की उनको मंत्री पद मिलेगा ,एक रमन सिंह को छोड़कर कर अभी पूराने नेताओं को जगह नहीं मिली है, रमन सिंह भी हाईकमान को नजर समझ कर चुप चाप विधान सभा अध्यक्ष बनने में ही भलाई समझी, विष्णू देव साय, अरुण साव ,को अमर अग्रवाल खेमे का बताया जाता है, ओम माथुर , नितिन नवीन भी अमर अग्रवाल को मंत्री बनाने के पक्ष में लाबिंग कर रहे है, पुराने नेता अभी मुंह में उंगली रख कर बैठे है, मोदी ,शाह के सामने किसी की कुछ बोलने की हिम्मत नही है, लेकिन अंदरूनी लाबिंग ये नेता कर रहे है, एस टी एस सी , ओबीसी के प्रदेश में मंत्री भी इसी समीकरण से बनेंगे, हर संभाग से दो मंत्री बनाए जा सकते है, प्रदेश में ओबीसी की संख्या ज्यादा है, उसके बाद आदीवासी है फिर एस टी वर्ग है, नए लोगो को मौका मिलने से कार्यकर्ता रिचार्ज हो गया है,बृजमोहन अग्रवाल जनाधार वाले नेता है आठ बार के विधायक है,पार्टी के प्रति समर्पित है, कार्यकर्ताओ में जोश भरने की क्षमता है, धरमलाल कौशिक ने लगातार जीत कर रिकार्ड बनाया है, ओबीसी कुर्मी वर्ग से आते है प्रदेश सहित कई पदों में रहें है, नेता प्रतिपक्ष के रूप में अपनी जिम्मेदारी अच्छे से निभाई।, पुन्नू लाल मोहले सीनियर एस्टी नेता है आज तक कोई चुनाव नही हारे ये उनकी योग्यता है,राजेश मुढ़त का सीडी विवाद रोड़ा है, लेकिन भाजपु इस बार नए चेहरे आगे करके आगे की रणनीति बना रही है। भाजपा का ये फैसला तलवार की धार में चलने जैसा है, हालाकि अब छत्तिसगढ की कमान शाह के हाथो है, प्रदेश कैसे चलेगा वही तय करेंगे, शाह सुनते सबकी है लेकिन करते वही है जो पार्टी हित में हो।

