बिलासपुर,जब मै 12 साल की थी स्कूल जा रही थी, दादी से मिली एक कार्यक्रम के लिए उनका झोला लिया प्यार से लिपटी बाय बाय बोली और स्कूल चलें गई दो घंटे बाद बडी संख्या में सुरक्षा कर्मी पहुचे हमे स्कूल से घर लाया घर में घुसते साथ मैंने देखा की घर में खून के धब्बे थे जो मिट्टी में मिल गए थे ठीक वैसे ही सात साल बाद मेरे पिता का छलनी शरीर लेकर घर पहुंची लेकिन हमारी आस्था और देश भक्ति नही टूटी , प्रियंका गांधी के इस वक्तव्य से लोगो की आंखे भर आई खुद प्रियंका का गला रूंध गया और आंख भर आई, प्रियांक ने बडी बेबाकी से अपनी बात कही कहा आप नेताओ को बिगाड़ रहे है जो नेता मंच पर घोषणा करते है उनसे पूछो घोषणा पुरी क्यों नहीं हुई आपकी नियत क्या है आपको जागरूक होना पड़ेगा की राजनितिक पार्टी धर्म के नाम वोट मांग अपने मित्रो का हजारों करोड का लोन माफ कर रहे है वोट आपकी सबसे बडी देश भक्ति है आपको इसका इस्तेमाल सोच समझ कर करना पड़ेगा आपकी संपत्ति मोदी अपने आपने मित्रो को दे रहे है जबकि भूपेश सरकार आपकी संपत्ति को ही दे रहे है, किसान ,और बेरोजगार रो रहा है और प्रधानमन्त्री 16हजार करोड के हवाई जहाज में घूम रहे है , संसद भवन और कांफ्रेंस हाल बनाने 47 हजार करोड की फिजूल खर्ची कर रहे है, पेशन का पैसा मार्केट में लगा रहे है पता नहीं कब क्या हो जाए, धर्म बात करके सत्ता पाना और मौज करना इनकी फितरत है , लोग भले बिजली, पानी सड़क केलिए रोते रहे , इनको जनता के लिए काम नहीं करना है, आरक्षण बिल भी जुमला है दस साल अभी लागू नही हो सकता लेकिन इसको लेकर पब्लिसिटी और इवेंटबाजी जरूर कर रहे है , हमे इवेंटबाजी और पब्लिसिटी वाली सरकार नही काम करने वाली सरकार चाहिए, अगर हमारी श्रद्धा जनता ने को लिए नही तो सब बेकार है। मुक्तिबोध की एक पंक्ति के साथ प्रियंका ने लोगो से पूछा की आपकी पॉलिटिक्स क्या है पार्टनर और कहा की आप जिम्मेदार नेताओं को नही बना रहे नेता मंच pr घोषणा करके जाए तो उससे पूछिए जरूर आपकी घोषणा का क्या हुआ , आपकी नियत क्या है। भूपेश सरकार की योजना की सराहना के साथ प्रियंका गांधी महिलाओ को पांच सौ रुपए सिलेंडर केलिए , आत्मानंद कालेज के साथ तिवारा भी समर्थान मूल्य में खरीदने की घोषणा की।
