बिलासपुर/भाजपा में कार्यकर्त्ता इस बार आर पार की लड़ाई के मूड में है, भाजपा कार्यकर्त्ता बोल रहा है , अयु नही सहिबो पुराना मन के टिकट बदल के रहीबो, इधर पुराने नेताओ की दावेदारी बरकरार है, फिर टिकट मांग रहे है लगातार विधयक मंत्री रहने के बाद भी टिकट मांग रहे है, पुराने नेता कार्यकर्त्ता को टिकट देने से मना कर रहे है,एक दो को छोड़ दो तो रमन मंत्री मंडल का कोई टिकट के योग्य नहीं है ,और पार्टी ने अगर दिया तो इस बार 15भी नहीं दिखेंगे , कार्यकर्त्ता इंतजार कर रहा है जैसे ही ओम माथुर ,जामवाल, बी एल सन्तोष ने पुराने नेताओ को टिकट दिया, कार्यकर्ता घर बैठ जाएगा, लग्जरी लाइफ जीने के आदि हो चुके पार्टी के केंद्रीय संगठन के नेता कार्यकर्त्ता की तरफ देख नही रहे है कार्यकर्त्ता बोल रहा अब हम भी इनकी ओर नही देखेंगे, रमन सरकार ने ऐसा काम किया किया 15साल की अब पार्टी का काम होंगाया है, 15साल उन्ही चेहरे को पार्टी घसीटते रही, कार्यकर्त्ता बोलता रहा तो पैसे की गर्मी में न राज्य के न केंद्र के नेताओ ने सुना, कहां है , अमन सिंह, सिसोदिया, मूढ़त, गैरी शंकर अग्रवाल,इन धन कुबेरो ने पार्टी की लुटिया डुबोई है,जिनका कोई जनाधार नही ये नेता बने बैठे थे, सीधे मुंह बात नही करते थे, ऐसे लोगो को टिकट मिली तो पार्टी का बंटाधार है,ऐसे हो बिलासपुर जिले का हाल है, पार्टी जनाधार विहीन नेताओ से डr कर कार्यकर्ताओं को सम्मान नहि दे रही रमन सिंह छत्तीसगढ़ियों बजाय विदेशियों को ज्यादा पूछा इसका नतिजा 15 सीट है,अगर भाजपा फिर भी नही सुधरी तो इस बार 15भी मुश्किल है।
