बिलासपुर- हाईकोर्ट से नोटिस जारी होने पर संलग्नीकरण ( अटैचमेंट ) निरस्त 1.4KB / s64 100+ हॉस्पीटल कॉलोनी , कसडोल जिला बलौदाबाजार – भाटापारा निवासी सुरेन्द्र टण्डन , सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कसडोल में वाहन चालक ( ड्राईवर ) के पद पर पदस्थ थे उक्त पदस्थापना के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ( सीएमएचओ ) बलौदाबाजार द्वारा एक आदेश जारी कर सुरेन्द्र टण्डन को सामूदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सिमगा में संलग्न ( अटैच कर दिया गया उक्त संलग्नीकरण ( अटैचमेन्ट ) आर्डर को सुरेन्द्र टण्डन द्वारा हाईकोर्ट अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं दुर्गा मेहर के माध्यम से हाईकोर्ट बिलासपुर के समक्ष रिट याचिका दायर कर उक्त आदेश को चुनौती दी गई । अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं दुर्गा मेहर द्वारा हाईकोर्ट के समक्ष यह तर्क प्रस्तुत किया गया कि थुंकि दिनांक 25.04.2023 को संचालक , स्वास्थ्य विभाग , रायपुर द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के समस्त संभागीय संयुक्त संचालक ( स्वास्थ्य विभाग ) एवं समस्त सीएमएचओ ( स्वास्थ्य विभाग ) को यह आदेश जारी किया गया है । कि स्वास्थ्य विभाग के जिन अधिकारियों / कर्मचारियों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर संलग्न ( अटैच किया गया है यह संलग्नीकरण पूर्ण रूप से अवैध है एवं समस्त संलग्नीकरण आदेश निरस्त किये जाने का आदेश संचालक स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया गया था । इसके बावजूद भी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी , बलौदाबाजार द्वारा विधी विरुद्ध तरीके से याचिकाकर्ता का संलग्नीकरण आदेश जारी किया गया उच्च न्यायालय , बिलासपुर द्वारा उक्त रिट याचिका की सुनवाई के पश्चात् रिट याचिका को स्वीकार कर उत्तरवादीगणों को नोटिस जारी किया गया था दिनांक 04 अगस्त 2023 को उक्त रिट याचिका की सुनवाई के दौरान उप महाधिवक्ता ( Deputy Advocate General ) द्वारा हाईकोर्ट के समक्ष यह जानकारी दिये जाने पर की याचिकाकर्ता के विरुद्ध जारी संलग्नीकरण ( अटैचमेन्ट ) आदेश नियम विरुद्ध होने के कारण निरस्त कर दिया गया है ।

