बिलासपुर-हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच द्वारा तीन आई.ए.एस. मनोज , प्रसन्ना एवं राजेन्द्र को अवमानना नोटिस जारी किया है बिलासपुर-डॉ . वन्दना भेले प्रभारी सिविल सर्जन एवं मुख्य अस्पताल अधीक्षक , बेमेतरा के पद पर पदस्थ थी पदस्थापना के दौरान दिनांक 30 सितम्बर 2022 को सचिव , स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक आदेश जारी कर डॉ . वंदना का स्थानांतरण सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र , झीट , जिला – दुर्ग कर दिया गया । उक्त स्थानांतरण आदेश के विरूद्ध हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के समक्ष रिट याचिका दायर करने पर डिवीजन बेंच द्वारा 04 ( चार ) सप्ताह के भीतर स्थानांतरण नीति के तहत् मामले के निराकरण करने का निर्देश दिया गया । निर्धारित समयावधि में हाईकोर्ट के आदेश का पालन ना होने पर डॉ . वंदना भेले द्वारा हाईकोर्ट अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं घनश्याम शर्मा के माध्यम से हाईकोर्ट बिलासपुर के समक्ष अवमानना याचिका दायर की गई । अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं घनश्याम शर्मा द्वारा हाईकोर्ट के समक्ष यह तर्क प्रस्तुत किया गया कि डॉ . वंदना मेले वर्ष 2008 से स्त्री रोग विशेषज्ञ ( प्रथम श्रेणी ) के पद पर पदस्थ हैं । प्रथम श्रेणी पद पर पिछले 15 वर्ष से सेवा दे रही हैं इसके बावजूद भी याचिकाकर्ता की सीनियरटी को बाईपास करते हुए जूनियर मेडिकल ऑफिसर ( द्वितीय श्रेणी ) के कई डाक्टर्स को प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ( प्रथम श्रेणी ) के पद पर पदस्थ किया गया जो कि छ.ग. शासन सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा वर्ष 2015 एवं वर्ष 2019 में जारी स्थानांतरण नीति का घोर उल्लंघन है । अधिवक्तागण द्वारा हाईकोर्ट के समक्ष यह तर्क प्रस्तुत किया गया कि निर्धारित समयावधि में हाईकोर्ट के आदेश का पालन ना किये जाने से हाईकोर्ट में अवमानना याचिकाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है जिनकी सुनवाई में हाईकोर्ट का अत्यन्त महत्वपूर्ण एवं कीमती समय व्यर्थ होता है । छत्तीसगढ़ शासन के अधीन कार्यरत आई.ए.एस एवं आई.पी.एस. अधिकारियों द्वारा लगातार हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना की जा रही है । उच्च न्यायालय , द्वारा उक्त अवमानना याचिका की सुनवाई के पश्चात् मामले को गंभीरता से लेते हुए 03 ( तीन ) आई.ए.एस. अधिकारियों सचिव , स्थानांतरण समिती मनोज पिंगुआ सचिव , स्वास्थ्य विभाग- आर प्रसन्ना एवं अवर सचिव स्वास्थ्य विभाग- राजेन्द्र गौर को अवमानना नोटिस जारी कर तत्काल जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया ।

