बिलासपुर- पहले वाली बीजेपी नही ,न अटल और पहले जैसे संगठन के नेता रहे अब बीजेपी में ढोंग धतूरा वाले नेता आ गए है , पहले संगठन के नेता एक कमरे में जीवन बिता दिए नीचे के कार्यकर्ता से मिलते थे ,पहले तो पार्टी कार्यालय तक नही था कार्यकर्ता के घर रुकते थे ,अब तो बढ़िया पार्टी कार्यालय भी बन गया है ,लेकिन संगठन के नेता लक्जरीयस हो गए है ,पांच सितारा होटल में रुक रहे है जंहा का दरबान स्लीपर वाले कार्यकर्ता को हहुस्ने नही देगा , जब संगठन बक पदाधिकारी जमीन में नही रहेगा तो जमीन की बात क्या जानेगा ,सादगी की बात नही दिखाना भी होगा ,यही लक्जरीयस नेतागिरी ने पार्टी को सत्ता से बाहर कर दिया , कोरबा में अमित शाह की सभा मे लोगो के पीने के पानी की व्यवस्था तक नही की गई ,जबकि मंच और पंडाल बनाने में अच्छा खर्च हुआ, ओम माथुर वंहा भी तब भी उनका ध्यान इस पर नही गया ,जाएगा भी कंहा से मेरिएट में रुकेंगे तो नीचे का कार्यकर्ता और जनता की समस्या कंहा दिखेगी।आज कल ये बड़े संगठन बीके नेता छोटे कार्यकर्ताओं से जिनके दम पर पार्टी है उनसे मिलने में अपने आप छोटा समझने लगते है, कार्यकर्ताओं के नजदीक जाने में अपने आप को असहज महसूस करते है, जब पार्टी का इतना अच्छा कार्यालय है तो मेरिएट में ऐसा क्या है कि वंही रुकना है ,,जायद चमकती और चिकनी टाइल्स में ध्यान रहे फिसल कर गिरने का खतरा रहता है जैसा कि पिछली सरकार के साथ हुआ इसलिए सावधान सादगी की बात नही दिखना चाहिए, इसी सादगी के कारण लोगो पार्टी से जुड़े है अगर ये अंग्रेजियत रहेगी तो कार्यकर्ता और लोग दूर हो जाएंगे।

