तिवारी और पटेल शाकंभरी महोत्सव में हुए शामिल।

शाकम्भरी बोर्ड अध्यक्ष पटेल व प्रदेश महामंत्री रोहरा में आयोजित शाकम्भरी महोत्सव में हुए शामिल, समाज प्रमुखों से भेंट-मुलाक़ात

“ग्राम लोहरा (रोहरा ) में 5 जनवरी गुरुवार को शाकम्भरी माता का महोत्सव बड़ी ही धूमधाम से मनाया गया”

बिलासपुर-पंडरिया:-छतीसगढ़ शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष तथा राज्य शासन में कैबिनेट मंत्री दर्ज़ा प्राप्त रामकुमार पटेल तथा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री व पंडरिया जनपद पंचायत के पूर्व अध्यक्ष अर्जुन तिवारी गुरुवार को ग्राम रोहरा में पौष पूर्णिमा के अवसर पर शाकम्भरी पूजन हवन एवं महाआरती कार्यक्रम के भव्य आयोजन एवं महोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए!

महोत्सव के कार्यक्रम में शिरकत करने ग्राम रोहरा रवाना हुए जहां समाज प्रमुखों ने पटेल एवं तिवारी का भव्य स्वागत किया!
सर्वप्रथम माता शाकम्भरी के स्थापित मूर्ति में दीप प्रज्वलित भजन कीर्तन मंगल पाठ हवन पूजन कार्यक्रम व प्रवचन औऱ बालक बालिकाओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ।
सभा को सम्बोधित करते हुए तिवारी ने कहा कि देवी शाकम्भरी को स-सब्जियों औऱ वनस्पतियों की देवी कहा गया है माँ शाकम्भरी माता पार्वती का ही स्वरूप हैं उनके अनेक नाम है माता शाकंभरी को देवी वनशंकरी औऱ शताक्षी भी कहा जाता है, देवी भागवत पुराण में शाकम्भरी माता को देवी दुर्गा का ही स्वरूप बताया गया है इसके अनुसार पार्वती ने शिव को पाने के लिए कठोर तपस्या की उन्होंने अन्न जल त्याग दिया था तथा जीवित रहने के लिए केवल शाक-सब्जियां ही खाई इसलिए उनका नाम शाकम्भरी रखा गया एक अन्य कथा के अनुसार जब पृथ्वी पर सौ वर्षों तक वर्षा नही हुई तब मनुष्यों को कष्ट उठाते देख मुनियों ने माँ से प्रार्थना की तब शाकम्भरी के रूप में माता ने अपने शरीर से उत्पन्न हुए शाकों के द्वारा ही संसार का भरण-पोषण किया था इस तरह देवी ने सृष्टि को नष्ट होने से बचाया इसलिए शाकम्भरी जयंती के दिन फल-फूल औऱ हरी सब्जियों को दान करने का सबसे ज्यादा महत्व है इस दिन गरीबों को अन्न शाक यानी कच्ची सब्जी भाजी व जल का दान करने से अत्यधिक पूण्य की प्राप्ति होती है एवं माता उनपर प्रशन्न होकर उन्हें आशीर्वाद प्रदान करती है!

शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री दर्ज़ा प्राप्त रामकुमार पटेल ने भी सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि पुराणों में यह उल्लेख है कि देवी ने यह अवतार तब लिया जब दानवों के उत्पात से सृष्टि में अकाल पड़ गया तब देवी शाकम्भरी रूप में प्रकट हुई इस रूप में उनकी 1000 आंखें थी जब उन्होंने अपने भक्तों को बहुत ही दयनीय स्थिति में देखा तो लगतार 9 दिनों तक वे रोती रही रोते समय उनकी आँखों से जो आँसू निकले उससे अकाल दूर हुआ औऱ चारों ओर हरियाली छा गई देवी दुर्गा का रूप है माता शाकम्भरी जिनकी हज़ार आँख थी इसलिए माता को शताक्षी भी कहते हैं
पटेल कहा कि माँ की स्तुति, ध्यान, जप, पूजा अर्चना करता है व शीघ्र ही अन्न पान एवं अमृत के रूप अक्षय फल को प्राप्त करता है भक्ति भाव से माँ की उपासना करने वाले सभी भक्तों की मनोकामना पूर्ण होती है!
इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य एवं युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष तुकाराम चंद्रवंशी, संतोष पटेल, भरत पटेल, शुशीला बाँधवे सरपंच ग्राम पंचायत रोहरा,भगलु पटेल , दिनेश पटेल , अनिल पटेल, रामचरण पटेल , सीताराम पटेल , धनबोवा पटेल , चन्द्रभान सिंह ठाकुर ब्लॉक उपाध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पंडरिया, शुभाष गिरी , सुरेश सिंह , पालन सिंह बैस , अफजल खान , बालाराम, गोपी पटेल, राजू यादव, केशरू यादव, नरेशू साहू, रूपेश यादव, नंद पांडे, रवि सिंह ठाकुर,
पंडरिया रेस्ट हाउस में अशोक कश्यप वरिष्ठ कांग्रेसी नेता, दाऊ रामेश्वर गबेल सोसायटी अध्यक्ष बघर्रा, रोहित गबेल , नीरज सलूजा जी रामु चन्द्राकर , सहित लघु एवं सीमांत कृषक, किसान भाई, समाज प्रमुख, वरिष्ठ कांग्रेसजन,, युवा कांग्रेस के ऊर्जावान साथीगण, NSUI के जुझारू साथीगण,ग्रामीणजन, मौजूद रहे।

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