बिलासपुर- अरपा भैसाझार परियोजना में बीजेपी शासनकाल के बड़ा भ्रष्टाचार सामने आने लगा है , 18 सौ करोड़ की ये परियोजना पूरी तरह अधूरी है ,विभाग में खीर बट जाने के कारण काम को पूरा बताया जा रहा है, बांध को बने ज्यादा समय नही हुआ है और इसमे लीकेज शुरू हो गया है , विभाग में अधिकारी मौन साधे हुए है , सरकार बदल गई लेकिन अधिकारीयो पर इसका असर नही है ठेकेदार सुनील अग्रवाल ने घटिया काम किया है न सिंचाई ठीक से होती है न जल भराव, अभी से बांध में लीकेज होना शुरू हो गया, रिसाव लगातार बढ़ रहा है किसी भी दिन बड़ी घटना हो सकती है, आसपास का इलाका डूब सकता है फसल बर्बाद हो सकती है जान माल का नुकसान हो सकता है और होना तय है क्योंकि लीकेज बढ़ता जा रहा है , विभगीय मंत्री को इसकी जानकारी है कि पता नही अगर नही है तो गंभीर बात है, अगर विभाग के सचिव आए चीफ सेकेट्ररी को इसकी जानकारी नही है तो और गंभीर बात है ,किसी दिन बड़ी घटना घटेगी तब शायद लीपापोती शुरू होगी,अपलक्स बंड में पिचिंग नही की गई है ,और ठेकेदार को भुगतना कर दिया गया है। ये वही ठेकेदार जो बिलासपुर में बैराज का काम नही कर रहा है सचिव पी अम्बलग्न के कहने का भी असर नही हुआ ,मतलब ठेकेदार कितना शातिर है जो शासन से नही डर रहा है, क्यो नही डर रहा है इसका मतलब साफ है कि उसने अधिकारियों को सैट कर लिया है ,केवल दिखवे का निरक्षण का खेल चल रहा है ,भैसाझार परियोजना के आप स्ट्रीम में बने अपलक्स बंड में लगातार रिसाव हो रहा है,9 करोड़ की लागत से बने अपलक्स बंड में ठेकेदार ने मापदंड का पालन नही किया और अधिकारियों ने ठेकेदार को ऐसा करने से रोका नही,चोरी छिपे अधिकारी रिसाव को बनाने के लिए गर्मी में पानी खत्म करके ठेकेदार को काम करने के लिए कहते है लेकिन ठेकेदार सचिव और मंत्री की नही सुन रहा है ,ठेकेदार सुनील अग्रवाल के कारण भूपेश बघेल की महत्वकांक्षी योजन राजगीत का आधार अरपा पैरी की धार मर रही है ,आखिर ठेकेदार इतना पावरफुल कैसे है कि जिसके आगे मुख्यमंत्री की खास योजना पर काम अटक गया ,मुख्यमंत्री को कई ऐसी गड़बड़ी पता ही नही चल रही है जल संसाधन में क्या चल रहा है ,18 सौ करोड़ का ये सीधे तौर पर घोटाला इसकी जांच शासन को eow से करानी चाहिए।,तत्कालीन ईई आर एस नायडू पूरे घटिया काम के लिए जिम्मेदार है जिसने सरकारी पैसे का दुरुपयोग किया ,सचिव अम्बलग्न ने कहा है घटिया काम करने वाले पर तबादले के बाद भी कार्यवाई तब तो सचिव सरकारी पैसे के बंदरबांट पर कार्यवाई करनी चाहिए और सरकार की छवि को बेहतर बनाने का काम करना चाहिए।

