बिलासपुर- अटल बिहारी बाजपेयी केवल प्रधानमंत्री नही थे निस्वार्थ राजनेता ने देश के लिए सोचा ऐसी सोचा कि व्यक्ति आज देश मे नही है ,अटल का लेते ही सम्मान का भाव या जाता है अटल बिहारी बाजपेयी का नाम कोई डर से नही लेता ,सब सम्मान से लेते है सादगी के साथ ज्ञान के अदभुत संगम का नाम है अटल, बीजेपी ही नही देश कोई राजनेता नही होगा जो उनका सानी न हो ,बिना ढकोसला में सादगी के शब्दों की ज्ञान गंगा को वैतरणी चलाने वाले अटल बिहारी जैसा नेता आज 75के दशक में भी नही हुआ ,भारत इसी तरह के नेताओं का देश है इस धरती में आडंबर की जगह नही है न स्वार्थ की जगह है,देश भावना को समझने वाले अटल बिहारी जैसे नेता दुर्लभ है ,अटल बिहारी ने सबकी बात की खुली किताब की तरह काम करने वाले अटल बिहारी बाजपेयी सर्वमान्य नेता थे देश मे शायद ही किसी की हिम्मत उनकी खिलाफत करने की हुई हो ,ऐसा किसी डर से नही की सम्मान से ऐसा नही किया ,क्योंकि अटल बिहारी सुलझे हुए नेता थे उनकी काबिलियत को आज के नेता नही पा सकते ,अटल बिहारी तो बीजेपी के संजीवनी है ,अटल जैसे नेताओं जिस पेड़ को सींचा लोगो उनकी छवि उनके व्यवहार के कारण जुड़े वो जुड़ाव आज भी और हमेशा रहेगा जबकि वर्तमान के नेताओं को लोग आगे चल भूल जाएंगे ,लेकिन अपनी योग्यता के चलते अटल हमेशा याद रहेंगे।

