बिलासपुर- कोटा के आदिवासी सम्मेलन में बरसात की वजह से मौसम ठंडा होगया लेकिन राजनीति गर्म हो गई ,आदिवासी युवा प्रभाग के अध्यक्ष सुभाष पोरते कोटा को आदिवासी के लिए सुरक्षित सीट करने की मांग की इसके अलावा कालेज और रानीदुर्गवाती के साथ बिरसमुंडा के प्रतिमा के स्थापना की मांगा की जिसका समर्थन प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरुण साव और लोरमी विधायक धर्मजीत सिंह ने किया ।राज्यपाल अनुसीईया उइके ने इसका भरपूर समर्थन करते हुए कहा कि वो इस मामले में जो भी कार्यवाई होगी करेंगी केंद्र सरकार से चर्चा करेगी ताकि आदिवासी हितों का संवर्धन हो सके । राज्यपाल ने अपने भाषण में कहा कि अपने अधिकार को पाने के लिए आदिवासियों को खुद जागरूक होना पड़ेगा। सरकार उनके लिए योजना बनाती है लेकिन उसका लाभ पूरी तरह से नही मिल पाता, अब युवा पीढी की जिम्मेदारी है कि वो समाज को जागरूक करे, आरक्षण को लेकर राज्यपाल अनुसीईया उइके ने कहा कि कोर्ट ने वाजिब तर्क नही मिलने के कारण याचिका खारिज कर दी आदिवासियों को जनसंख्या के आधार पर आरक्षण का लाभ तो मिलना हो चाहिए,राज्यपाल ने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि उनको किसी तरह की भी समस्या हो उनसे मिल सकते है आदिवासी हित के अलावा उन्होनें हर वर्ग को सुना राज भवन में सबकी सुनवाई होती है ,यंहा की समस्या को लेकर वो प्रधानमंत्री से चर्चा करते रहती है,केंद्र सरकार भी आदिवासियों के हित मे काम कर रही है। पौन घंटे के राज्यपाल के भाषण को सुनने के लिए आदिवासी समाज भीगते पानिमे डटे रहा जबतक राज्यपाल का भाषण खत्म नही हुआ समाज के लोग भीगते पानी मे खड़े रहे।

प्रदेश भजापा अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार ने आदिवासियों के हितों का ध्यान रखा है देश के सरवोच्च पद पर आदिवासी को सम्मान दिया ,राज्य के राज्यपाल हमारे बीच मे हम सबकी मुखिया के रूप में है,सुभाष परते ने जो मांग रखी है मैं उसका समर्थन करता हूँ ,समर्थन करते हुए ये भी कहा कि कोटा मेरा ससुराल है यंहा काम मेरी प्राथमिकता में है।
लोरमी विधायक धर्मजीत सिंह में कहा कि राज्यपाल अनुसीईया उइके सबको सुनती है मैं समाज के प्रस्ताव का समर्थन करता हूँ।धर्मजीत सिंह में राजकपूर की एक फ़िल्म के गाने से बताया कि राज्यपाल क्या सोचती है। किसी दर्द ले सके तो ले उधर जीना इसी का नाम है।
